विश्वविद्यालय ने इसे फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम नाम दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्रों को अपनी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

क्या है फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम?
एकेटीयू ने छात्रों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। विश्वविद्यालय ने इसे फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम नाम दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्रों को अपनी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे ऑनलाइन समस्या दर्ज करा सकेंगे और उसी माध्यम से उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम से प्रदेभ के पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निदान ऑनलाइन माध्यम से तय समय में किया जाएगा। एक सितम्बर से एकेटीयू के फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम को लागू करने की योजना है।
छोटे से भी काम के लिए नहीं काटने होंगे कॉलेज के चक्कर
एकेटीयू की उप परीक्षा नियंत्रक नेहा श्रीवास्तव ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना और शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है। अब प्रदेश के विभिन्न जिलों और दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों को किसी छोटे से काम के लिए भी लखनऊ स्थित विश्वविद्यालय मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम के तहत छात्र विश्वविद्यालय के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करेंगे। शिकायत दर्ज होते ही उसे संबंधित विभाग या अनुभाग को भेज दिया जाएगा। संबंधित अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत का निस्तारण करेंगे।
कुलपति ने कही ये बात
एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति ने कहा कि डिजिटल तकनीक से छात्रों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। फेसलेस स्टूडेंट सेल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हजारों छात्रों को सीधे लाभ मिलेगा। साथ ही छात्रों की शिकायत, उसका स्टेटस आदि ऑनलाइन रहेगा। शिकायत करने वाले छात्र लॉगिन से सब देख सकेंगे।
उच्च शिक्षा को बढ़ाया देने के लिए नया कदम
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) उच्च शिक्षा और तकनीकी शोध को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही एमटेक-पीएचडी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, एमटेक करने वाले मेधावी छात्रों को पीएचडी में सीधे प्रवेश का अवसर मिलेगा, जिससे उनका बहुमूल्य समय बचेगा। एकेटीयू द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पीएचडी अध्यादेश में किए गए संशोधनों के अनुसार, जो छात्र एमटेक इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला लेंगे, उन्हें कोर्स वर्क पूरा करने के बाद सीधे पीएचडी में अपग्रेड होने का विकल्प दिया जाएगा।



