Bamboo Structure Farming: किसान हमेशा काम पैसे और जमीन में ज्यादा से ज्यादा उत्पाद पाने के अलग अलग तरीके अपनाता है, उन्हीं में से एक प्रचलित तरीका है बांस का स्ट्रक्चर बनाकर सब्जियां उगाना. इस तरीके में खेत में बांस का उपयोग करके मजबूत ढांचा बनाया जाता है, जिसपर बेल वाली सब्जियां जैसे लौकी, करेला, खीरा और तोरई उगाई जाती हैं. इससे पौधा जमीन पर नहीं फैलता और फल सब्जियां भी जमीन से ऊपर रहती हैं. इसका एक फायदा ये भी है के इससे कम जगह में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं, यही वजह है के किसान पारंपरिक तरीकों से अलग इन तरीकों को अपनाकर कम जमीन में अधिक लाभ कमाते हैं.
कम लागत में तैयार हो जाता है मजबूत ढांचा
सब्जियां उगाने के लिए बांस का स्ट्रक्चर तैयार करने में ज्यादा खर्च नहीं आता, क्योंकि बांस बहुत आसानी से उपलब्ध हो जाता है और लंबे समय तक खराब भी नहीं होता. किसान खेत में उचित दूरी पर बांस गाड़कर ऊपर जाल या रस्सियां बांधकर मजबूत स्ट्रक्चर तैयार करते हैं. इस तरीके से पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है. साथ ही सब्जियां जमीन से ऊपर रहने के कारण उनमें रोग भी कम लगता है और सब्जियां साफ और अच्छी क्वालिटी की होती हैं, जिससे उन सब्जियों का बाजार में बेहतर दाम मिलता है.
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किसानों की आय में इजाफा
विशेषज्ञों का मानना है कि बांस के स्ट्रक्चर वाली खेती में प्रति एकड़ उत्पादन सामान्य खेती से कई गुना ज्यादा होता है. बेल वाली सब्जियां ऊपर की ओर बढ़ती हैं, जिससे खेत की जगह का पूरा उपयोग हो पाता है. एक बात यह भी कही जाती है कि बेल वाली सब्जियां अगर लटक कर बढ़ रही हैं, तो वह प्राकृतिक रूप से भी सामान्य से अधिक बड़ी और वजनदार होती हैं. किसान सालभर अलग-अलग सब्जियां उगाकर लगातार कमाई कर सकते हैं. कई राज्यों में किसान इस तकनीक से लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं. खास बात यह है कि इस तरीके में पानी की खपत भी कम होती है, जिससे लागत काफी कम आती है और बचत बढ़ती है.
सरकारी योजनाओं से मदद
केंद्र सरकार और राज्य सरकारें आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कई योजनाओं के तहत सहायता दे रही हैं. बांस आधारित संरचना, ड्रिप सिंचाई और जैविक खेती पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है और किसानों को इनके लिए कम ब्याज पर लोन भी दिया जाता है. साथ ही कृषि विशेषज्ञ किसानों को प्रशिक्षण देकर इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं. यदि किसान सही योजना और आधुनिक तकनीक के साथ बांस स्ट्रक्चर वाली खेती करें, तो कम जमीन में भी बेहतर उत्पादन और अधिक कमाई कर सकते हैं.
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