Bay Leaves Farming Tips: तेज पत्ता एक औषधीय पौधा है, जिसका इस्तेमाल रसोई से लेकर दवा, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और पूजा-पाठ के कामों तक में किया जाता है. भारत में लगभग हर घर की रसोई में इसका इस्तेमाल दाल, सब्जी, बिरयानी, गरम मसाला और कई दूसरी डिश में टेस्ट और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. ऐसे में इसकी खेती करना किसानों के लिए फायदेमंद माना जाता है.
इसकी खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शुरुआत में थोड़ी मेहनत के बाद पौधों की देखभाल कम करनी पड़ती है और लंबे समय तक प्रोडक्शन मिलता रहता है. यही कारण है कि इसे कम लागत में अच्छी इनकम देने वाली खेती माना जाता है. किसानों को इसकी खेती के लिए राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की ओर से 30 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जाता है, जिससे लागत और कम हो जाती है. तो आइए जानते हैं कि कम लागत में तेज पत्ता की खेती कैसे ज्यादा फायदा देगी और तेज पत्ता की खेती करने का तरीका क्या है.
क्या है तेज पत्ता?
तेज पत्ता एक सदाबहार पौधा है, जिसे Bay Leaf कहा जाता है. इसका पौधा लगभग 7.5 मीटर तक ऊंचा हो सकता है. इसके पत्ते चमकीले, खुशबू वाले और टेस्ट में हल्के तीखे होते हैं. इसके नए पत्तों का रंग हल्का गुलाबी दिखाई देता है, जबकि इसके फूल हल्के पीले रंग के होते हैं. इसके फल लाल रंग के होते हैं. भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल, कर्नाटक और उत्तर-पूर्व भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में की जाती है. वहीं भारत के अलावा रूस, मध्य अमेरिका, इटली, फ्रांस, उत्तर अमेरिका और बेल्जियम जैसे देशों में भी इसका प्रोडक्शन होता है. बाजार में तेज पत्ता की मांग लगातार बढ़ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसका यूज केवल मसाले के रूप में ही नहीं बल्कि औषधीय और अन्य कई कामों में भी किया जाता है.
कम लागत में तेज पत्ता की खेती कैसे ज्यादा फायदा देगी?
तेज पत्ता की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला ऑप्शन मानी जाती है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि शुरुआत में पौधे लगाने और खेत तैयार करने के बाद इसकी देखभाल पर ज्यादा खर्च नहीं आता है. एक बार पौधे तैयार हो जाएं तो कई सालों तक लगातार प्रोडक्सन देते रहते हैं, जिससे हर साल नई बुवाई का खर्च नहीं उठाना पड़ता है. अच्छी क्वालिटी की पत्तियां तैयार करके और सही तरीके से सुखाकर बेचने पर किसानों को बेहतर कीमत मिल सकती है. जानकारी के अनुसार, एक पौधे से सालाना लगभग 3,000 से 5,000 रुपये तक की इनकम हो सकती है, जबकि 25 पौधों से 75 हजार से 1.25 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है. यही वजह है कि कम खर्च, सरकारी अनुदान, सालभर बनी रहने वाली मांग और लंबे समय तक मिलने वाले प्रोडक्शन के कारण तेज पत्ता की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है.
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तेज पत्ता की खेती करने का तरीका क्या है?
1. सही मिट्टी और खेत का चयन करें – तेज पत्ता की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी सही मानी जाती है. मिट्टी का pH मान 6 से 8 के बीच होना चाहिए. साथ ही खेत की 2-3 बार जुताई करके खरपतवार साफ करें.
2. पौधों का चयन करें – तेज पत्ता की खेती बीज और लेयरिंग दोनों से की जा सकती है, लेकिन लेयरिंग से तैयार पौधे बेहतर माने जाते हैं. पौधे सरकारी या निजी नर्सरी से खरीदें और लगाएं.
3. सही समय और दूरी पर रोपाई करें – पौधों की रोपाई जून–जुलाई में करें. पौधे से पौधे की दूरी 4 से 6 मीटर रखें, जिससे उनकी अच्छी बढ़वार हो सके.
4. खाद और सिंचाई का ध्यान रखें – हर गड्ढे में लगभग 20 किलो गोबर की खाद डालें. गर्मियों में हफ्ते में एक बार सिंचाई करें, जबकि बारिश और सर्दियों में जरूरत के अनुसार पानी दें. खेत में जलभराव न होने दें.
5. कीट और खरपतवार से बचाव करें – समय-समय पर निराई-गुड़ाई करें और पौधों के आसपास खरपतवार न रहने दें. कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल का नियमित छिड़काव करें और पौधों की समय-समय पर छंटाई करते रहें.
6. कटाई और भंडारण सही तरीके से करें – पौधों से 1-2 साल बाद पत्तियां मिलनी शुरू हो जाती हैं, जबकि लगभग 6 साल बाद पूरा प्रोडक्शन मिलता है. पत्तियों की साल में 2-3 बार तुड़ाई करें, उन्हें छाया में अच्छी तरह सुखाकर सही जगह पर स्टोर करें. साथ ही एक बार तैयार होने के बाद 20 से 25 सालों तक प्रोडक्शन मिलता रहता है.
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