Tuesday, June 16, 2026
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Cardamom Farming: अपने किचन गार्डन में ऐसे करें इलायची की खेती, महक उठेगा कोना-कोना


Cardamom Farming: कई लोग अपने किचन गार्डन में कई तरह के पौधे और सब्जियां उगाते हैं. जिनमें हरी मिर्च, धनिया, साग, सब्जी और पौधे शामिल होते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि आप जो इलायची आपकी चाय और खाने का स्वाद बढ़ाती है उसे भी आप अपने किचन गार्डन में उगा सकते हैं. दरअसल जिस तरह से आप अपने किचन गार्डन में अलग-अलग तरह की सब्जियां और मसाले उगाते हैं, उसी तरह इलायची को भी आप अपने किचन गार्डन में उगा सकते हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि आप अपने किचन गार्डन में इलायची की खेती कैसे कर सकते हैं, जिससे आपके किचन गार्डन का कोना-कोना महक उठेगा. 

बीज से शुरू होती है इलायची की खेती 

जिस तरह से खेत में कोई भी फसल बीज से शुरू होती है, उसी तरह इलायची का पौधा भी बीज या सकर से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए आपको सबसे पहले अच्छी क्वालिटी वाले इलायची के बीज लेने होंगे. इलायची की खेती के लिए बीज जितने हेल्दी होंगे, पौधे की बढ़वार उतनी ही बेहतर होगी. 

सही मिट्टी और नमी भी है जरूरी 

इलायची मूल रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्र का पौधा है. इसे हल्की, भुरभुरी और जैविक पदार्थ से भरपूर मिट्टी की जरूरत होती है. इसलिए गले में कोकोपीट, वर्मी कंपोस्ट और उपजाऊ मिट्टी का मिश्रण तैयार करें. इसके बाद यह मिश्रण पौधों की जड़ों को पर्याप्त  पोषण देने के साथ-साथ पानी की निकासी में बनाए रखता है. वहीं अगर गमले में पानी जमा हो जाए तो पौधा खराब भी हो सकता है. 

बीज लगाने के बाद क्या करें? 

किचन गार्डन में गमले में मिट्टी तैयार करने के बाद इलायची के बीज को मिट्टी में 1 से 2 इंच तक गहराई पर लगा लें. इसके बाद हल्की सिंचाई करें और लगातार  मिट्टी में नमी बनाया रखें. बीज लगाने के बाद छोटे-छोटे पौधे बाहर निकल आएंगे. एक्सपर्ट्स के अनुसार इलायची के बीजों का अंकुरण 20 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में अच्छा होता है. वहीं आम सब्जियों की तरह इलायची का पौधा तेज धूप को पसंद नहीं करता. यही वजह है कि दक्षिण भारत में इसकी खेती बड़े पेड़ों की छाया में की जाती है. अगर आप इसे किचन गार्डन या बालकनी में लगा लगा रहे हैं, तो ऐसी जगह चुने, जहां हल्की धूप और हवा आती हो. इससे पौधे की बढ़वार बेहतर तरीके से होती है. 

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पौधे बड़े होने पर कैसे आते हैं इलायची के दाने?

लगातार सिंचाई, खाद और देखभाल मिलने पर पौधा धीरे-धीरे विकसित होता है. शुरुआत में इसकी ऊर्जा, जड़ों और पत्तियों को मजबूत बनाने में लगती है. इसके बाद फूल आने शुरू होते हैं और इन्हीं फूलों से बाद में इलायची की फलियां विकसित होती है. आमतौर पर घर में लगाए गए पौधों में दो से तीन साल में फलियां आने लगती है जबकि खेतों में लगाए गए पौधों में थोड़ा जल्दी उत्पादन शुरू हो जाता है. 

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