Friday, July 3, 2026
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Cow Dung Market Price : कितने रुपये किलो बिकता है गाय का गोबर, इसे कहां बेच सकते हैं किसान?


Cow Dung Market Price : खेती और पशुपालन करने वाले ज्यादातर किसान गाय के गोबर का इस्तेमाल खेतों में खाद के रूप में करते हैं, लेकिन अब गोबर सिर्फ ऑर्गेनिक खाद तक सीमित नहीं रह गया है. देश और विदेश में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. ऑर्गेनिक खेती, बायोगैस और इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स की बढ़ती जरूरत के कारण गाय का गोबर अब किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बनता जा रहा है.भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा गाय-भैंस पाए जाते हैं, इसलिए यहां गोबर का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि गाय का गोबर कितने रुपये किलो बिकता है, इसकी सबसे ज्यादा मांग कहां है और इसे किसान कहां बेच सकते हैं. 

भारत में गाय के गोबर की मांग क्यों बढ़ रही है?

भारत में गाय के गोबर का यूज लंबे समय से खाद और ईंधन के रूप में होता रहा है. अब  ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा मिलने और बायोगैस तकनीक के विस्तार के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. सरकार की ओर से ऑर्गेनिक फार्मिंग और बायोगैस को प्रोत्साहन मिलने से गोबर से जुड़े उत्पादों का यूज भी बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र साल 2026 में वैश्विक बाजार में 33.6 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा बाजार रहने का अनुमान है. वहीं उत्तर अमेरिका 12.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र माना गया है. 

गाय का गोबर कितने रुपये किलो बिकता है?

निर्यात आंकड़ों के अनुसार, गाय के गोबर की कीमत उसके प्रकार पर निर्भर करती है. ताजा गोबर, सूखा गोबर, गोबर पाउडर और गोबर के उपलों की कीमत अलग-अलग हो सकती है. भारत में कच्चा गोबर लगभग 30 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक सकता है. इसके अलावा पैकेज्ड गोबर की खाद और प्रोसेस किए गए उत्पादों की कीमत 20 से 70 प्रति किलो या उससे ज्यादा तक हो सकती है. वहीं निर्यात बाजार में उत्पाद और क्वालिटी के अनुसार इसकी कीमत अलग-अलग हो सकती है. 

किसान गोबर कहां बेच सकते हैं?

1. आज के समय में किसान कच्चा गोबर ही नहीं उससे बने अलग-अलग उत्पाद बेचकर भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. गोबर और गोबर से बने सामान बेचने के कई आसान तरीके हैं. किसान अपने आसपास के किसानों, फल-फूल की नर्सरियों, सब्जी उगाने वाले बागवानों और गोशालाओं को सीधे गोबर बेच सकते हैं.

2. ऑर्गेनिक खेती बढ़ने के साथ इसकी मांग भी बढ़ रही है. अगर किसान गोबर के उपले, पूजा में इस्तेमाल होने वाले गोबर के उत्पाद या अन्य सामान बनाते हैं, तो उन्हें Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं. 

3.अगर बड़ी मात्रा में गोबर या उससे बने उत्पाद बेचना चाहते हैं, जैसी ऑनलाइन वेबसाइटों पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. यहां ऑर्गेनिक खाद बनाने वाली कंपनियां और निर्यातक भी खरीदार के रूप में मिल सकते हैं. 

4.कई राज्यों में सरकार गोबर धन (GOBAR-Dhan) योजना के तहत किसानों से गोबर खरीदती है. इसकी जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग, ग्राम पंचायत या संबंधित सरकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. 

5. किसान गोबर से बनी वर्मी कम्पोस्ट, जैविक खाद, धूपबत्ती, अगरबत्ती, दीये, गमले और अन्य उत्पाद तैयार करके स्थानीय बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचकर अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं. 

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भारत से कितना गोबर निर्यात होता है?

भारत से गाय के गोबर और उससे बने उत्पाद कई देशों में निर्यात किए जाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, भारत से गोबर खरीदने वाले प्रमुख देशों में अमेरिका, सिंगापुर, चीन, नेपाल, ब्राजील, मालदीव, कंबोडिया, वियतनाम और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं. भारत से सिर्फ ताजा गोबर ही नहीं, बल्कि कई अन्य उत्पाद भी भेजे जाते हैं. इनमें ताजा गाय का गोबर, फर्टिलाइजर, कम्पोस्ट खाद, सूखे गोबर के उपले, गोबर पाउडर और गोबर आधारित कीटनाशक शामिल हैं. निर्यात से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में भारत से कच्चे गोबर का निर्यात लगभग 125 करोड़ रुपये का रहा. इसी अवधि में गोबर से बने उर्वरकों का निर्यात 173.67 करोड़ रुपये और कम्पोस्ट खाद का निर्यात लगभग 88 करोड़ रुपये का रहा.  वहीं 2023-24 के दौरान भारत के 181 निर्यातकों ने गोबर से जुड़े उत्पादों की 1,100 से ज्यादा शिपमेंट अलग-अलग देशों में भेजीं. 

भारत में सबसे ज्यादा गोबर कहां बनता है?

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में राजस्थान गाय के गोबर उत्पादन में पहले नंबर पर है. इसके बाद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का नंबर आता है. वहीं नीति आयोग के अनुसार, भारत में प्रतिदिन करीब 30 लाख मीट्रिक टन गाय का गोबर उत्पन्न होता है. यही वजह है कि भारत दुनिया में दूध और गोबर दोनों का प्रमुख उत्पादक देश माना जाता है. 

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