Wednesday, June 17, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारGarlic and Chili Solution: लहसुन और मिर्च के घोल से कैसे भगाए...

Garlic and Chili Solution: लहसुन और मिर्च के घोल से कैसे भगाए जाते हैं फसल के कीड़े? दादा-परदादा के जमाने का है यह जुगाड़


Garlic and Chili Solution: किसानों को फसल की खेती में सबसे ज्यादा खतरा कीड़े-मकोड़ों का लगा रहता है. इसके लिए आज के समय में किसान कई तरह के फर्टिलाइजर, डीएपी और यूरिया जैसे खाद का उपयोग करते हैं. वहीं पहले के समय में दादा-परदादा भी ऐसे कई जुगाड़ अपनाते थे, जिससे फसल में कीड़े-मकोड़े न लगे. इन्हीं जुगाड़ में से एक लहसुन और मिर्च का घोल भी था, जिससे फसलों का बचाव किया जाता था. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि लहसुन और मिर्च के घोल से फसल के कीड़े कैसे भगाए जाते हैं. 

लहसुन और मिर्च का गोल कैसे करता है काम? 

जिस तरह किसी बीमारी में दवा शरीर की रक्षा करती है, उसी तरह फसल तरह लहसुन और मिर्च से तैयार जैविक गोल फसलों को कीड़ों से बचाने का काम करता है. इस घोल में मौजूद तीखे और नेचुरल तत्व कीटों को पौधों से दूर रखने में मदद करते हैं. इस गोल को आमतौर पर लहसुन और मिर्च से बनाया जाता है, लेकिन कई बार इसमें नीम की पत्तियां और गोमूत्र जैसी चीज भी मिलाई जाती है. 

कैसे बनाया जाता है लहसुन और मिर्च का गोल?

लहसुन और मिर्च का गोल बनाने के लिए किसान लहसुन, हरी मिर्च या लाल मिर्च, नीम की पत्तियां और गोमूत्र जैसी चीजों को पानी में मिलाकर कुछ दिनों तक सड़ने के लिए छोड़ सकते हैं. इस दौरान मिश्रण में मौजूद प्राकृतिक तत्व अच्छी तरह घुल जाते हैं और एक शक्तिशाली जैविक घोल तैयार हो जाता है. जब इस घोल को छानकर पानी में मिलाया जाता है और फसलों पर छिड़काव किया जाता है, तो इसकी तेज गंध और नेचुरल गुण कई तरह के हानिकारक कीटों को फसल से दूर रखने का काम करते हैं. खासतौर पर माहू, सफेद मक्खी, ट्रिप्स और पत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों पर इसका अच्छा असर देखा जाता है. 

घोल में क्यों मिलाया जाती है लहसुन और मिर्ची?

दरअसल लहसुन में नेचुरल सल्फर कंपाउंड पाए जाते हैं, जबकि मिर्ची में कैप्साइसिन नामक तत्व मौजूद होता है. यही कारण है कि दोनों की गंध और तीखापन कीड़ों को पसंद नहीं आता, जब इनका घोल फसल पर छिड़का जाता है, तो कीड़े पौधों पर हमला करने से बचते हैं. वहीं नीम की पत्तियां नेचुरल कीटनाशक की तरह काम करती है और गोमूत्र घोल की प्रभावशीलता का बढ़ाने के साथ-साथ पौधों को पोषण देने में भी मदद करता है. 

ये भी पढ़ें-चिलचिलाती गर्मी से झुलस रहे हैं आपके पौधे? तो आज ही अपनाएं ये देसी जुगाड़

घोल के फसल पर छिड़काव के बाद क्या होता है? 

लहसुन और मिर्च के घोल का फसल पर छिड़काव के बाद घोल की एक पतली परत पत्तियों और बालियों पर बन जाती है. इससे कीटों का प्रकोप कम होने लगता है. वहीं रासायनिक कीटनाशकों की तुलना में यह घोल फसल, मिट्टी और पर्यावरण के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर कीड़े का दबाव ज्यादा हो तो 10 से 12 दिन के बाद फसल पर दोबारा इस घोल का छिड़काव किया जा सकता है. इसके नियमित उपयोग से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है.

ये भी पढ़ें-क्या खेत में बिजली गिरने से सच में बढ़ जाती है मिट्टी की उर्वरता, कितनी सच है ये बात?



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments