- उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू की बकरी पालन सब्सिडी योजना।
- 90% सब्सिडी, ₹6000 लगाकर ₹60000 की इकाई पाएं।
- यूनिट में 6 उन्नत नस्ल की बकरियां मिलेंगी।
- महिलाओं, सीमांत किसानों व दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
Goat Farming Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने बकरी पालन को बढ़ावा देने और पूरे राज्य में ग्रामीण परिवारों की इनकम को बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ी सब्सिडी योजना शुरू की है. इस नई पहल के तहत योग्य लाभार्थियों को अपनी जेब से सिर्फ ₹6000 का निवेश करना होगा और वे ₹60000 की लागत वाली बकरी पालन इकाई शुरू कर सकते हैं. इसी के साथ बाकी ₹54000 सरकार द्वारा सब्सिडी सहायता के रूप में दिए जाएंगे. आइए जानते हैं इसके लिए कैसे कर सकते हैं आवेदन.
सरकार द्वारा 90% सब्सिडी
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार कुल इकाई लागत का 90% कवर करने वाली सब्सिडी प्रदान करेगी. लाभार्थी का योगदान सिर्फ 10% तय किया गया है. एक बकरी पालन इकाई की कुल लागत ₹60000 अनुमानित की गई है. इस राशि में से लाभार्थी ₹6000 का योगदान देगा और सरकार वित्तीय सहायता के रूप में ₹54000 देगी.
बकरी पालन इकाई में क्या शामिल है?
दिशा निर्देशों के मुताबिक एक बकरी पालन इकाई में 6 पशु शामिल होंगे. एक बकरा और पांच बकरियां. सरकार का कहना है कि लाभार्थियों को बकरी की उन्नत नस्लें खरीदनी चाहिए. जैसे बरबरी, बीटल और ब्लैक बंगाल.
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महिलाओं और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी
राज्य सरकार ने यह साफ किया है कि योजना खास तौर से आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण समूह को लक्षित करती है. लाभार्थी चयन के दौरान कृषि मजदूर, भूमिहीन व्यक्ति, सीमांत किसान और महिला आवेदक को प्राथमिकता दी जाएगी. इसी के साथ कुल लाभार्थियों में से लगभग 3% कथित तौर पर दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित होंगे.
इसी के साथ उन आवेदकों को भी प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने भेड़ या फिर बकरी पालन में औपचारिक प्रशिक्षण लिया है. इसमें भेड़ और बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र व केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान से प्रशिक्षण लेना शामिल है.
कैसे मिलेगी सहायता राशि?
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार से मिलने वाली ₹54000 की सहायता राशि में से ₹49000 सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा किए जाएंगे. बाकी बचे हुए ₹5000 का इस्तेमाल बकरियों के लिए 1 साल का बीमा कवर, परिवहन का खर्च और जरूरी उपकरण और बर्तनों की खरीद के लिए किया जाएगा.
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय या फिर नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं. साथ ही आवेदन के लिए आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और फोटो की जरूरत होगी.
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