पीएम मोदी के हाथ से परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल’ सम्मान पाकर गदगद हो गए और उन्होंने AI और विकसित भारत को लेकर PM मोदी के विजन की खूब जमकर सराहना की।
हाल ही में आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अथिति के रूप में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी छात्रों को प्रदान किया। आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में एमटेक (बायोमेडिकल इंजीनियरिंग) के छात्र वेंकट साई रेड्डी रामिरेड्डी को पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में 10 में से 10 सीजीपीए हासिल करने पर प्रतिष्ठित ‘परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल’ प्रदान किया गया है।
पीएम मोदी से सम्मान पाकर गदगद हुए वेंकट
पीएम मोदी के हाथ से परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल’ सम्मान पाकर गदगद हो गए और उन्होंने AI और विकसित भारत को लेकर PM मोदी के विजन की खूब जमकर सराहना की। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए वेंकट कहते हैं कि प्रधानमंत्री जी से परफेक्ट 10 गोल्ड मेडल प्राप्त करना मेरे लिए बेहद शानदार अनुभव रहा। यह मेरे लिए एक अद्भुत और यादगार पल था। इसलिए मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और यह सब कुछ अभी भी अविश्वसनीय-सा लग रहा है।
इसके साथ ही समारोह के दौरान पीएम मोदी की कही गईं बातों का जिक्र करते हुए वेंकेट कहते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने जो बातें कहीं, वे भी बहुत अच्छी थीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में अब रिसर्च पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा और रिसर्च आधारित इनोवेशन अगला महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिस पर हम ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी विस्तार से बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई में इनोवेशन किस तरह महत्वपूर्ण है और हम AI के क्षेत्र में भी विकसित भारत के लक्ष्य को कैसे हासिल कर सकते हैं।
इस विषय में करेंगे शोध
साथ ही वेंकट कहते हैं कि अब मैं अपनी यात्रा के अगले चरण में रिसर्च को जारी रखूंगा। मेरा उद्देश्य यह शोध करना है कि AI किस तरह जैव विज्ञान और जैविक निदान (Biological Diagnosis) को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर छात्र का अपना अलग सपना और अलग रास्ता है, लेकिन IIT दिल्ली से मिली शिक्षा और अनुभव उनके जीवन में हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे। प्रधानमंत्री ने छात्रों से लगातार सीखते रहने और बदलती दुनिया के अनुसार अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहने की अपील की।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को देश के विकास में उनकी भूमिका की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी के सामने अपने समय की अलग चुनौतियां होती हैं और उसके साथ देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी होती है। IIT दिल्ली से निकलने वाले छात्रों के अगले तीन से चार दशकों के काम और फैसलों का असर भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा पर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को अपने हर फैसले के दौरान यह जरूर सोचना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा होगा और इससे देश की कौन-सी जरूरत पूरी होगी। उन्होंने छात्रों से व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ राष्ट्रीय हित को भी अपने फैसलों का आधार बनाने का आग्रह किया।
रिसर्च और इनोवेशन पर PM का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के सामने रिसर्च को एक बड़े अवसर के रूप में भी पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के जरिए प्रतिभाशाली युवाओं को रिसर्च के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन स्कीम, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन और रिसर्च सेक्टर के लिए 1 लाख करोड़ रुपये तक की फंडिंग का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए देशभर के शोधकर्ताओं को प्रतिष्ठित वैश्विक रिसर्च जर्नल्स तक पहुंच मिल रही है। इसका लाभ छोटे शहरों और कस्बों में मौजूद शोधकर्ताओं को भी बिना अतिरिक्त शुल्क के मिल रहा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली के छात्रों से कहा कि आने वाले वर्षों में उनकी मेहनत, रिसर्च और इनोवेशन भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों को अपनी उपलब्धियों का इस्तेमाल देश की जरूरतों को पूरा करने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए करने का संदेश दिया।


