संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे के मुताबिक, संस्थान ने चल रही PhD की समीक्षा की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रों को डिग्री पूरी करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। इसके बाद इन समस्याओं को दूर करने और छात्रों को कम समय में PhD पूरी करने पर काम किया गया।
आईआईटी बॉम्बे ने PhD करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। संस्थान ने अब सभी नए रजिस्ट्रेशन के लिए PhD प्रोग्राम की अधिकतम अवधि 8 साल तय कर दी है। यानि नए छात्र 8 साल के भीतर अपनी PhD पूरी कर सकेंगे। संस्थान ने यह फैसला उन मामलों की समीक्षा के बाद लिया है, जिनमें कुछ छात्रों की PhD 10 साल से भी ज्यादा समय तक लंबित रही। संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे के मुताबिक, संस्थान ने चल रही PhD की समीक्षा की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रों को डिग्री पूरी करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। इसके बाद इन समस्याओं को दूर करने और छात्रों को कम समय में PhD पूरी करने पर काम किया गया। संस्थान के मुताबिक, इस समीक्षा से लंबे समय से लंबित PhD मामलों का बैकलॉग कम करने में भी मदद मिली।
दीं 620 पीएचडी डिग्रियां
इंडिया टूडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में IIT बॉम्बे ने 620 पीएचडी डिग्रियां प्रदान की हैं। यह संस्थान के इतिहास में एक साल में दी गई सबसे ज्यादा PhD डिग्रियां हैं। निदेशक के मुताबिक, इससे पहले किसी एक साल में आईआईटी बॉम्बे ने 500 PhD डिग्रियों का आंकड़ा भी पार नहीं किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन 620 PhD डिग्रियों में 77 केमिकल इंजीनियरिंग, 62 इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, 49 मैकेनिकल इंजीनियरिंग और 40 ह्यूमैनिटीज से संबंधित हैं।
PhD में देरी की क्या रही वजह?
बता दें कि संस्थान की समीक्षा में PhD पूरी होने में देरी के कई कारण सामने आए। इनमें सुपरवाइजर या गाइड का दूसरे प्रोजेक्ट्स में बिजी होना, छात्रों का दूसरी नौकरी में चले जानाबाहरी उम्मीदवारों का PhD प्रोग्राम छोड़ देना और कोविड-19 महामारी के कारण काम प्रभावित होना जैसी शामिल हैं। बता दें कि कुछ PhD रजिस्ट्रेशन, तो 10 साल से भी ज्यादा समय से लंबित थे।
आईआईटी बॉम्बे का 64वां दीक्षांत
आईआईटी बॉम्बे का 64वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान कुल 3763 डिग्रियां 3442 छात्रों को दी गईं। इनमें 1713 अंडरग्रेजुएट, 1430 पोस्टग्रेजुएट और 620 PhD डिग्रियां शामिल हैं। ग्रेजुएट होने वाले छात्रों में 791 छात्राएं और 2651 छात्र हैं।
28 छात्रों को मिली तीन साल की BS डिग्री
दीक्षांत समारोह में 28 छात्रों को तीन साल की बैचलर ऑफ साइंस(BS) डिग्री भी मिली। आईआईटी बॉम्बे ने चार वर्षीय बीटेक प्रोग्राम में पढ़ने वाले छात्रों के लिए BS को एक अर्ली एग्जिट विकल्प के रूप में शुरू किया है। जरूरी क्रेडिट पूरे करने वाले छात्र चार साल का BTech पूरा किए बिना BS डिग्री लेकर बाहर निकल सकते हैं। संस्थान के अनुसार, यह विकल्प उन छात्रों के लिए मददगार हो सकता है जो स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं या किसी कारण से चार वर्षीय BTech पूरा नहीं कर पा रहे हैं। दीक्षांत समारोह में मेडल वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।


