Saturday, July 18, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारIntercropping Farming: क्या होती है इंटरक्रॉपिंग, इससे कैसे अपनी कमाई दोगुनी कर...

Intercropping Farming: क्या होती है इंटरक्रॉपिंग, इससे कैसे अपनी कमाई दोगुनी कर सकते हैं किसान?


Intercropping Farming: आज के समय में किसान खेती में पारंपरिक तरीकों से हटकर आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में इजाफा हुआ है. ऐसे में एक नई तकनीक इंटरक्रॉपिंग फार्मिंग की काफी चर्चा हो रही है. इंटरक्रॉपिंग एक ऐसी कृषि तकनीक है जिसमें एक ही समय में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ उगाया जाता है. मुख्य फसल के साथ पंक्तियों में या बीच-बीच में अन्य फसल भी लगाई जाती हैं ताकि पोषक तत्वों का भरपूर इस्तेमाल किया जा सके. ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे किसान इंटरक्रॉपिंग फार्मिंग करते हैं और कैसे इसकी मदद से अपनी आय को दोगुनी कर सकते हैं. 

इंटरक्रॉपिंग फार्मिंग क्या होती है 

इंटरक्रॉपिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें किसान एक ही वक्त में मौसम के अनुसार दो फसलों को उगा सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसान को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. एक बार खेत तैयार करने के बाद किसान उसमें दो फसलों को उगा सकता है, जिसमें किसानों की लागत भी कम लगती है और दो फसलों का लाभ भी मिलता है. इस तकनीक की मदद से किसान कम खर्च में ज्यादा पैदावार हासिल कर अपने मुनाफे को बढ़ा सकता है. 

कैसे करे इंटरक्रॉपिंग 

इंटरक्रॉपिंग तकनीक का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है. सबसे पहले फसलों का सही चुनाव बेहद जरूरी है, ऐसी फसलों का चुनाव करें जो एक-दूसरे के विकास में बाधा न डालें और जिनकी खेती एक ही मौसम में आसानी से की जा सके. खेत तैयार करते वक्त फसलों के बीच उचित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, ताकि दोनों फसलों को ग्रोथ के लिए पर्याप्त जगह और पोषण मिल सके. 

यहां भी पढ़े: खेत में कम हो गई केंचुए की संख्या, समझ लें मिट्टी में हो गई इस चीज की कमी

किसान कैसे करे अपनी कमाई को दोगुनी 

जब किसान एक ही वक्त में दो फसलों को एक साथ लगाता है तो इससे किसान को अतिरिक्त उत्पादन मिलता है. अगर मुख्य फसल खराब हो जाए तो दूसरी फसल से लागत निकल सकती है और किसान अपने नुकसान से बच सकता है. साथ ही कुछ फसलों की गंध से कीड़े दूर रहते हैं, जिससे किसानों के लिए कीटनाशक दवाइयों का खर्च कम होता है और फसल की पैदावार भी बढती है. 

यहां भी पढ़े: खसरा और खतौनी में क्या होता है अंतर? 99% लोग रहते हैं कंफ्यूज



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments