Tuesday, May 12, 2026
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International Day of Plant Health: घरों में रखे जाने वाले पौधों में भी होती हैं बीमारियां, जानें इनके लक्षण और बचाव के तरीके


International Day of Plant Health: कल यानी 12 मई को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ मनाया जाएगा. जिसका असली मकसद पौधों को बीमारियों से बचाना और उनकी सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करना है. अक्सर हम अपने घरों या ऑफिस में पौधे तो लगा लेते हैं. लेकिन उनकी देखभाल के मामले में थोड़े लापरवाह हो जाते हैं. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे इंसानों को चेकअप की जरूरत होती है. 

वैसे ही इन पौधों को भी समय-समय पर अटेंशन चाहिए. घर के अंदर रहने वाले पौधों को खेतों जैसा नेचुरल माहौल नहीं मिलता. इसलिए उनमें स्ट्रेस और बीमारियां जल्दी घर कर लेती हैं. अगर आप भी अपने घर की हरियाली को बचाना चाहते हैं. तो इस खास दिन पर आपको पौधों के डॉक्टर की तरह उनकी सेहत का हाल समझना होगा.

पत्तियों के इशारों से समझें पौधों की परेशानी

पौधे अपनी हर तकलीफ अपनी पत्तियों के जरिए बोलकर नहीं. बल्कि दिखाकर बताते हैं. अगर आपके इनडोर प्लांट की पत्तियां पीली पड़कर झड़ रही हैं. तो समझ लीजिए कि या तो आप उन्हें पानी से नहला रहे हैं या फिर उन्हें जरूरी नाइट्रोजन नहीं मिल पा रहा. वहीं अगर पत्तियों के किनारे सूखे और भूरे दिख रहे हैं.

तो यह हवा में नमी की कमी या बहुत ज्यादा खाद का संकेत है. कई बार पत्तियों पर सफेद पाउडर जैसी फंगस या छोटे-छोटे चिपचिपे कीड़े (पेस्ट्स) हमला कर देते हैं. जो धीरे-धीरे पौधे का दम निकाल देते हैं. इन शुरुआती लक्षणों को पहचानकर आप अपने पौधों को मरने से बचा सकते हैं.

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जड़ों की मजबूती 

किसी भी पौधे की ग्रोथ का सारा दारोमदार उसकी जड़ों पर टिका होता है. गमले वाले पौधों में रूट रॉट यानी जड़ों का सड़ना एक बड़ी समस्या है. जो अक्सर ड्रेनेज होल बंद होने की वजह से होती है. एग्रीकल्चर की भाषा में कहें तो जड़ों को भी ऑक्सीजन चाहिए होती है.

इसलिए महीने में एक-दो बार मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें. पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी छूने पर सूखी लगे. अगर मिट्टी से सड़ांध जैसी महक आए. तो समझ लें कि मामला गड़बड़ है. ऐसे में मिट्टी को थोड़ा धूप दिखाएं और जरूरत पड़ने पर उसे बदल दें जिससे जड़े दोबारा खुलकर सांस ले सकें.

घरेलू नुस्खे और बचाव के तरीके

पौधों को हेल्दी रखने के लिए आपको बाजार से महंगे पेस्टिसाइड्स लाने की जरूरत नहीं है. घर में ही इसका इलाज मौजूद है. नीम के तेल को थोड़े से पानी और साबुन के साथ मिलाकर स्प्रे करना कीड़ों के लिए काल साबित होता है. अगर गमले में फंगस दिख रही हो. तो थोड़ी सी हल्दी या दालचीनी का पाउडर मिट्टी में मिला दें. यह किसी एंटीबायोटिक की तरह काम करता है. कल इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ के मौके पर बस इतना करें कि अपने हर पौधे को गौर से देखें और उनकी जरूरतों को समझें.

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