KBC 18 Pooja Das Story: माता-पिता के साये के बिना पली-बढ़ी उत्तर प्रदेश की 12वीं पास गृहणी पूजा दास ने ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में अपनी बुद्धिमत्ता के दम पर 12.5 लाख रुपये की शानदार धनराशि जीती है।
KBC 18 Pooja Das Success Story: कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों और मन में कुछ सीखने की तड़प हो, तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, सफलता का रास्ता निकल ही आता है। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली कहानी है उत्तर प्रदेश के वसीलपुर ग्रांट की रहने वाली पूजा दास की। हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ (KBC 18) के हॉटसीट पर बैठी पूजा ने न केवल अपने ज्ञान और सूझबूझ का लोहा मनवाया, बल्कि 12.5 लाख रुपये की बड़ी रकम जीतकर पूरे गांव और देश का नाम रोशन किया है।
बचपन में ही उठा माता-पिता का साया
पूजा का शुरुआती जीवन बेहद दुखों से भरा रहा। जब वे महज 15 साल की थीं, तब उनकी मां का देहांत हो गया और इसके ठीक दो साल बाद उनके पिता भी दुनिया छोड़ गए। कम उम्र में अनाथ होने के बाद गांववालों के दबाव में 21 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई। हालांकि, शादी के बाद उनके सास-ससुर ने उन्हें माता-पिता जैसा प्यार दिया और आगे बढ़ने के लिए हमेशा उनका हौसला बढ़ाया।
इंग्लिश मीडियम से 12वीं पास और सोशल मीडिया स्टार
पूजा की पढ़ाई का सफर भी काफी अलग रहा। उन्होंने 12वीं कक्षा की पढ़ाई दो बार की। पहली बार उन्होंने आर्ट्स विषय से पढ़ाई की थी, लेकिन सास-ससुर के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने दोबारा साइंस विषय चुनकर 12वीं की परीक्षा पास की। इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करने के कारण उनकी इंग्लिश पर अच्छी पकड़ है। आज वे सोशल मीडिया पर एक लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर हैं और उनके 1 लाख से अधिक (105K) फॉलोअर्स हैं। अपने गांव में जहां अधिकतर महिलाएं घूंघट में रहती हैं, वहां पूजा ने डिजिटल दुनिया में कदम रखकर महिलाओं के सशक्तिकरण पर वीडियो बनाना शुरू किया।
25 लाख के सवाल पर समझदारी से छोड़ा गेम
केबीसी में अपनी शानदार खेल रणनीति के दम पर पूजा 25 लाख रुपये के सवाल तक पहुंच गईं। जब 25 लाख का सवाल उनके सामने आया, तो उनके पास कोई लाइफलाइन नहीं बची थी। जोखिम लेने के बजाय उन्होंने समझदारी दिखाई और गेम क्विट करके 12.5 लाख रुपये सुरक्षित अपने नाम कर लिए।
टीचर बनने का है सपना
पूजा ने महानायक अमिताभ बच्चन को बताया कि वे केबीसी से जीती हुई धनराशि का इस्तेमाल अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए करेंगी। उनका सपना एक टीचर बनना है ताकि वे अपने गांव और समाज के अन्य बच्चों को शिक्षित कर सकें और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकें।


