Saturday, July 25, 2026
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NEET UG: पिता मजदूर, इंटरनेट के लिए भटकी, पहाड़ी इलाके की आदिवासी लड़की ने नीट क्रैक कर रचा इतिहास, Career Hindi News


तमिलनाडु में सलेम के पास के एक दूर-दराज के आदिवासी पहाड़ी गांव में पली-बढ़ी ई. निवेथा ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) पास कर ली है। येरकाउड हिल्स के गुंडुर की रहने वाली इस लड़की ने कई चुनौतियों का सामना करने के बाद यह सफलता हासिल की।

NEET UG Success Story : जिंदगी की सबसे बड़ी जीत वही होती है, जो बेहद मुश्किल हालातों से लड़कर हासिल की जाए। पहाड़ी और दूर दराज के गांव में रहने वाली एक आदिवासी लड़की ने वो कारनामा कर दिखाया है कि जिसके संघर्ष की कहानी कठिन परिस्थितियों में गुजर बसर कर रही लाखों गरीब लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। तमिलनाडु में सलेम के पास के एक दूर-दराज के आदिवासी पहाड़ी गांव में पली-बढ़ी ई. निवेथा ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) पास कर ली है। येरकाउड हिल्स के गुंडुर की रहने वाली इस लड़की ने कई चुनौतियों का सामना करने के बाद यह सफलता हासिल की।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ई. निवेथा के गांव में पढ़ाई-लिखाई के साधनों की बेहद कमी है। वह गुंडूर और आसपास के 18 आदिवासी पहाड़ी गांवों की पहली छात्रा बन गई हैं, जिसने राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में सफलता हासिल की है। निवेथा ने अपने पहले ही प्रयास में 720 में से 245 अंक प्राप्त किए। अब उन्होंने MBBS और BDS कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।

निवेथा के पिता एझुमलाई दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि उनकी मां मणिमेगलई गृहिणी हैं। उन्होंने कक्षा 10 तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की और बाद में सरकारी सहायता प्राप्त नाजरेथ गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में 496 अंक हासिल किए थे।

इंटरनेट के लिए गांव से बाहर जाती थी

निवेथा ने बताया कि उनके गांव में लंबे समय तक स्थिर इंटरनेट सुविधा नहीं थी। वह आता जाता है जिससे ऑनलाइन पढ़ाई करना बेहद मुश्किल था। स्टडी मैटिरियल डाउनलोड करने और ऑनलाइन क्लास करने के लिए उन्हें कई बार गांव से बाहर जाना पड़ता था। इतना ही नहीं उनके गांव तक नियमित बस सेवा भी हाल ही में शुरू हुई है।

NGO की मदद से मिला NEET कोचिंग का अवसर

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2025 में पहाड़ी क्षेत्र में कार्यरत एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन (NGO) ने उन्हें NEET की तैयारी के लिए गाइडेंस दी और कोचिंग उपलब्ध कराई। कोचिंग के दौरान वह रोजाना यरकौड और सेलम के बीच यात्रा कर पढ़ाई करती थीं।

निवेथा ने कहा, “मैंने पूरी पढ़ाई सरकारी स्कूलों में की है। 12वीं के बाद NGO द्वारा मिली कोचिंग और मार्गदर्शन ने मेरी NEET की तैयारी में बहुत मदद की। पहले ही प्रयास में सफलता मिलने से मैं बेहद खुश हूं और अब डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना चाहती हूं।”

तमिलनाडु से NEET पास करने वाले 15,000 कम उम्मीदवार

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल तमिलनाडु से NEET-UG परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में लगभग 15,000 की कमी आई है। 2025 में 76,181 छात्रों की तुलना में 2026 में केवल 61,306 छात्र परीक्षा पास कर पाए। यह गिरावट मुख्य रूप से दोबारा परीक्षा (re-examination) में कम उपस्थिति के कारण हुई। जहां 1,42,494 रजिस्टर्ड उम्मीदवारों में से 95% से अधिक ने 3 मई को मूल परीक्षा दी थी, वहीं दोबारा परीक्षा में केवल 1,08,601 उम्मीदवार शामिल हुए। इससे उपस्थिति दर गिरकर 76.2% हो गई।

TN के 12 उम्मीदवारों ने 690 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए

हालांकि इस साल तमिलनाडु में रजिस्ट्रेशन पिछले साल के 1,40,158 से मामूली रूप से बढ़कर 1,42,494 हो गया, लेकिन परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या में 27,000 से अधिक की कमी आई और क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में लगभग 15,000 की गिरावट आई। दक्षिणी राज्यों में, केरल में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में 30% से अधिक की कमी आई, जबकि क्वालिफाई करने वालों की संख्या 73,328 से घटकर 51,782 हो गई। कर्नाटक में भी उपस्थिति में 17.4% और क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में 21.2% की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, राजस्थान में उपस्थिति और क्वालिफाई करने वालों, दोनों में वृद्धि देखी गई, जबकि उत्तर प्रदेश के आंकड़े काफी हद तक स्थिर रहे।



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