2018 में स्थापना के बाद से अब तक NTA 270 से अधिक परीक्षाओं का सफल आयोजन कर चुका है। इन परीक्षाओं के लिए 6.6 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है।
शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में फिलहाल कुल 39 स्थायी पद हैं। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। उन्होंने बताया कि इन 39 स्थायी पदों पर प्रतिनियुक्ति के माध्यम से नियुक्ति की जाती है। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार NTA कम अवधि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की भी भर्ती करता है। डॉ. मजूमदार ने कहा कि NTA की कार्यक्षमता को मजबूत बनाने के लिए 16 नए पद भी सृजित किए गए हैं। इनमें 8 निदेशक स्तर और 8 संयुक्त निदेशक स्तर के पद शामिल हैं। इन पदों को सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत भरा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की स्थापना एक स्वायत्त और आत्मनिर्भर संस्था के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य देश के उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) में दाखिले और फेलोशिप के लिए प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करना है।
NTA में किन पदों पर कितने स्थायी कर्मचारी हैं?
राज्यसभा में दिए गए लिखित जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि NTA में मौजूद 39 स्थायी पदों का विवरण इस प्रकार है—
महानिदेशक (लेवल-17) – 1 पद
संयुक्त सचिव (लेवल-15) – 2 पद
निदेशक (लेवल-14) – 1 पद
निदेशक (लेवल-13) – 7 पद
संयुक्त निदेशक एवं रिसर्च साइंटिस्ट (लेवल-12) – 6 पद (5 संयुक्त निदेशक और 1 रिसर्च साइंटिस्ट)
उप निदेशक (लेवल-11) – 3 पद
सहायक निदेशक (लेवल-10) – 2 पद
वरिष्ठ अधीक्षक (लेवल-7) – 2 पद
73 संविदा और 124 आउटसोर्स कर्मचारी भी तैनात
डॉ. मजूमदार ने बताया कि स्थायी कर्मचारियों के अलावा NTA जरूरत के अनुसार संविदा (Contract) और आउटसोर्स कर्मचारियों की भी नियुक्ति करता है।
वर्तमान में NTA में 73 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें-
1 जनरल मैनेजर (कम्युनिकेशन)
1 सीनियर एडवाइजर
5 सीनियर कंसल्टेंट
44 कंसल्टेंट
1 सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर
1 ऑफिस असिस्टेंट
17 यंग प्रोफेशनल शामिल हैं।
इसके अलावा 124 आउटसोर्स कर्मचारी भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इनमें डेटा एनालिस्ट, कंसल्टेंट, जूनियर कंसल्टेंट, लीगल एसोसिएट, हाउसकीपिंग स्टाफ सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
परीक्षाओं के दौरान हजारों अधिकारियों की ली जाती है मदद
टाइम्स नाउ में छपी एक रिपोर्ट में डॉ. मजूमदार के हवावे से बताया गया है कि परीक्षा के प्रकार और जरूरत के अनुसार NTA देशभर में ऑब्जर्वर, सिटी कोऑर्डिनेटर, सेंटर सुपरिंटेंडेंट, राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) और जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) के सदस्यों की सेवाएं भी लेता है। इनकी नियुक्ति राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय वित्तपोषित उच्च शिक्षण संस्थानों, जवाहर नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय जैसे सरकारी संस्थानों के सहयोग से परीक्षा अवधि के लिए की जाती है।
हर साल बढ़ी NTA की आय
शिक्षा राज्य मंत्री ने NTA की आय और खर्च का ब्यौरा भी साझा किया। उनके अनुसार-
वित्त वर्ष- आय- व्यय
2019-20- 504.16 करोड़ रुपये- 440.20 करोड़ रुपये
2020-21- 515.16 करोड़ रुपये- 436.25 करोड़ रुपये
2021-22- 508.47 करोड़ रुपये- 426.52 करोड़ रुपये
2022-23- 900.56 करोड़ रुपये- 681.52 करोड़ रुपये
2023-24- 1,116.84 करोड़ रुपये- 1,040.96 करोड़ रुपये
2018 से अब तक 270 से अधिक परीक्षाएं करा चुका है NTA
करा चुकी है 270 से अधिक परीक्षाएं
डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि 2018 में स्थापना के बाद से अब तक NTA 270 से अधिक परीक्षाओं का सफल आयोजन कर चुका है। इन परीक्षाओं के लिए 6.6 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, 2026 में अब तक NTA 12 परीक्षाएं आयोजित कर चुका है, जिनमें 65 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।


