QS Best Student Cities Ranking 2027: क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज रैंकिंग 2027 में मुंबई भारत का सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर बना, जबकि दिल्ली दुनिया की सबसे किफायती स्टूडेंट सिटी चुनी गई। सियोल ग्लोबल लिस्ट में नंबर-1 रहा।
QS Best Student Cities Ranking 2027: हायर एजुकेशन के लिए देश या विदेश के बेहतरीन शहरों की तलाश कर रहे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक हायर एजुकेशन एनालिटिक्स फर्म ‘क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स’ ने QS Best Student Cities Ranking 2027 की ताजा रिपोर्ट जारी कर दी है। इस अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भारतीय शहरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई भारत का सबसे बेहतरीन छात्र शहर बनकर उभरा है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली को दुनिया का सबसे किफायती छात्र शहर घोषित किया गया है।
ग्लोबल लिस्ट में सियोल रहा नंबर-1
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल ने 100 के परफेक्ट स्कोर के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर का अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। दूसरे स्थान पर जापान की राजधानी टोक्यो और तीसरे स्थान पर ब्रिटेन की राजधानी लंदन रही। ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न चौथे पायदान पर रहा, जबकि जर्मनी का म्यूनिख और ऑस्ट्रेलिया का सिडनी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। टॉप-10 शहरों की लिस्ट में पेरिस 7वें, बर्लिन 8वें, वियना 9वें और ज्यूरिख 10वें स्थान पर शामिल हैं।
भारतीय शहरों का शानदार प्रदर्शन: मुंबई 91वें और दिल्ली 99वें स्थान पर
भारतीय शहरों में मुंबई ने सबसे बड़ा उछाल दर्ज किया है। मुंबई पिछले साल के 98वें स्थान से 7 पायदान की छलांग लगाकर दुनिया में 91वें स्थान पर पहुंच गई है और 61.8 के ओवरऑल स्कोर के साथ भारत में टॉप पर है। मुंबई को पढ़ाई के बाद रोजगार के अवसरों में दुनिया में 34वां और किफायती शिक्षा के मामले में 12वां स्थान मिला है।
वहीं दिल्ली ने भी 104वें स्थान से सुधार करते हुए 99वां स्थान हासिल किया और पहली बार टॉप-100 में जगह बनाई। दिल्ली ने अफोर्डेबिलिटी कैटेगरी में 93.9 का उच्चतम स्कोर हासिल कर पूरी दुनिया में पहला स्थान पाया है। दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए औसतन सालाना ट्यूशन फीस लगभग 2,700 अमेरिकी डॉलर (करीब 2.6 लाख रुपये) है। साथ ही, एम्प्लॉयर एक्टिविटी में दिल्ली को 29वीं रैंक मिली है। इसके अलावा बेंगलुरु संयुक्त रूप से 114वें और चेन्नई 123वें स्थान पर रहे।
किन पैमानों पर तैयार होती है यह रैंकिंग?
क्यूएस रैंकिंग में उन शहरों को शामिल किया जाता है जिनकी आबादी कम से कम 2.5 लाख हो और जहां कम से कम दो यूनिवर्सिटीज वैश्विक रैंकिंग में शामिल हों। इस साल दुनिया भर के 150 शहरों का मूल्यांकन 6 प्रमुख श्रेणियों—यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, पढ़ाई का खर्च अफोर्डेबिलिटी, रहने की इच्छा, छात्र विविधता और छात्रों के व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर किया गया है।


