Safeda Mango Cultivation: आम के सीजन में हर किसान बस यही चाहता है कि इस बार उसकी कमाई अच्छी हो और मेहनत का पूरा फल उसे मिले. आम को फलों का राजा कहा जाता है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. इन्हीं आमों की एक खास किस्म है सफेदा, जिसे बंगनपल्ली के नाम से भी जाना जाता है. यह आम अपने सुनहरे पीले रंग, अच्छे स्वाद और लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
यही वजह है कि सीजन में बाजार में इसकी डिमांड काफी ज्यादा रहती है और किसानों को इससे अच्छा मुनाफा मिल सकता है. अगर आप भी खेती करते हैं और सफेदा आम की बागवानी शुरू करना चाहते हैं, तो आपको इसकी खेती से जुड़ी सही जानकारी जरूर पता होनी चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.
कैसी मिट्टी और मौसम है इसके लिए सही?
सफेदा आम की अच्छी पैदावार के लिए दोमट मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों. इस मिट्टी में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा पानी रुकने से पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. बहुत ज्यादा रेतीली, पथरीली, खारी या क्षारीय जमीन में इसकी खेती करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी जमीन में पौधों का विकास धीमा हो जाता है. मौसम की बात करें तो आम एक गर्म जलवायु वाला पौधा है और इसे फूल आने के समय यानी दिसंबर से फरवरी के महीने में सूखे मौसम की जरूरत होती है. इस दौरान अगर ज्यादा बारिश पड़ जाए, तो इससे फूलों को नुकसान पहुंच सकता है और पैदावार कम हो सकती है. इसलिए पौधे लगाने से पहले अपने इलाके की मिट्टी और मौसम की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए.
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पौधा लगाने से लेकर फल आने तक की जरूरी बातें
सफेदा आम के पौधे लगाने के लिए सबसे अच्छा समय बारिश के मौसम के बाद का माना जाता है, क्योंकि इससे पौधा जमीन में अच्छी तरह जम जाता है. पौधों को लगा लेने के बाद इनकी शुरुआती सालों में समय-समय पर सिंचाई करते रहना जरूरी है, लेकिन एक बार पेड़ बड़ा हो जाने के बाद इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं पड़ती. साथ ही पेड़ों की सही देखभाल के लिए समय-समय पर छंटाई करते रहनी चाहिए और कीट-रोगों से बचाव के लिए जरूरत पड़ने पर उचित दवाओं का छिड़काव करना चाहिए.
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