
पालक उगाने के लिए सबसे पहले एक सही और चौड़े गमले लेकर आएं. चूंकि पालक की जड़ें ज्यादा गहराई तक नहीं जाती हैं, इसलिए 6 से 8 इंच गहरा लेकिन चौड़ा गमला इसके लिए एकदम परफेक्ट रहता है. ध्यान रहे कि गमले के तले में पानी निकासी के लिए ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए.

पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए सही पॉटिंग मिक्स तैयार करना बहुत जरूरी है. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की सड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं. थोड़ा सा कोकोपीट और बालू रेत मिलाने से मिट्टी हल्की और भुरभुरी बनती है. जिससे बीजों का अंकुरण तेजी से होता है और जड़ें आसानी से फैलती हैं.

अब बारी आती है अच्छी क्वालिटी के पालक के बीज बोने की. बीजों को मिट्टी पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर समान रूप से छिड़क दें. इसके बाद ऊपर से मिट्टी या कोकोपीट की एक हल्की परत बिछाकर बीजों को ढक दें. ध्यान रखें कि बीजों को ज्यादा गहराई में न दबाएं, वरना उन्हें अंकुरित होने में काफी वक्त लग सकता है.

बीज बोने के तुरंत बाद स्प्रे बोतल की मदद से हल्का पानी दें जिससे मिट्टी में अच्छी नमी बन जाए. गमले में कभी भी तेज धार से पानी न डालें इससे बीज अपनी जगह से हिल सकते हैं. पालक के पौधे को रोजाना कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप मिलना बेहद जरूरी होता है.

लगभग 5 से 7 दिनों के भीतर बीज अंकुरित होकर छोटे-छोटे पौधों में बदलने लगते हैं. इस दौरान मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन ओवर-वॉटरिंग से बचें क्योंकि ज्यादा पानी से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं. समय-समय पर पौधे की हल्की गुड़ाई करते रहें और अगर कोई खरपतवार दिखे तो उसे तुरंत बाहर निकाल दें.

बीज बोने के लगभग 25 से 30 दिनों बाद आपकी ताजी पालक कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है. पत्तियों को काटते समय हमेशा पौधों को जड़ से उखाड़ने के बजाय केवल बाहरी बड़ी पत्तियों को ही काटें. ऐसा करने से पौधे में नई-नई पत्तियां बार-बार आती रहेंगी और आपको लगातार ताजी पालक मिलती रहेगी.
Published at : 21 Jul 2026 03:16 PM (IST)


