Saturday, April 18, 2026
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अब तहजीब ही नहीं बल्कि वैश्विक सिनेमा और कला का भी एक उभरता केंद्र बन रहा है लखनऊ- अयूब खान

अब तहजीब ही नहीं बल्कि वैश्विक सिनेमा और कला का भी एक उभरता केंद्र बन रहा है लखनऊ- अयूब खान

देश भर के फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों को एक मंच पर हुये एकत्र…
दो दिवसीय लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 का भव्य समापन

लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में दो दिवसीय ‘लखनऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025’ का भव्य आयोजन पी वी आर आइनॉक्स सिनेमा, सहारागंज मॉल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 15 और 16 अप्रैल को आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह ने देश भर के फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों को एक मंच पर लाकर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी को सिनेमाई रंग में सराबोर कर दिया।
फेस्टिवल के दौरान विभिन्न श्रेणियों में कुल 210 फिल्मों को सम्मानित किया गया। कई उत्कृष्ट फिल्मों को न केवल प्रशस्ति पत्र दिए गए, बल्कि कैश प्राइज देकर भी फिल्मकारों का उत्साहवर्धन किया गया।

इस वर्ष फेस्टिवल का सबसे विशेष हिस्सा ‘उत्तर प्रदेश लीजेंड्स अवॉर्ड्स’ रहा। प्रदेश की महान विभूतियों की स्मृति में देश की जानी-मानी फिल्मी हस्तियों को सम्मानित किया गया जैसें राहुल रवैल को डायरेक्टर के. आसिफ अवार्ड, राज बब्बर को एक्टर भारत भूषण अवार्ड, विशाल भारद्वाज को म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद अवार्ड , पूनम ढिल्लों को नरगिस दत्त एक्ट्रेस अवार्ड, रवि किशन को एक्टर सुजीत कुमार अवार्ड,राजपाल यादव को एक्टर कन्हैया लाल अवार्ड, मनोज मुंतशिर को मजरूह सुल्तानपुरी लिरिक्स अवार्ड, कमलेश पांडेय को राही मासूम रजा राइटर अवार्ड, डॉ. विद्या बिंदु सिंह को अटल बिहारी वाजपेयी कवि सम्मान, दीपू श्रीवास्तव को राजू श्रीवास्तव कॉमेडी अवार्ड, जूही चतुर्वेदी को मुंशी प्रेमचंद लिटरेरी अवार्ड, बी.एन. तिवारी को बी.के. चतुर्वेदी साउंड एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया।

आयोजक व फेस्टिवल के संस्थापक अयूब खान, जो स्वयं एक प्रसिद्ध लेखक, निर्माता और निर्देशक हैं, ने बताया कि जो लोग अपना अवार्ड लेने नही आ सके उन सभी के पास उनके अवार्ड को पहुचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय समारोह के सफल आयोजन से यह सिद्ध हो गया है कि लखनऊ अब केवल तहजीब का ही नहीं, बल्कि वैश्विक सिनेमा और कला का भी एक उभरता हुआ केंद्र है। आयोजन के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त कियामूल रूप से प्रयागराज के निवासी और पिछले 45 वर्षों से मुंबई फिल्म जगत में सक्रिय श्री खान ने घोषणा की कि अब हर वर्ष इन 12 महान विभूतियों के नाम पर पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “यह आयोजन उत्तर प्रदेश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच देने और प्रदेश में पर्यटन व संस्कृति को बढ़ावा देने की एक कोशिश है।”

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