Sunday, April 26, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारआम के बाग में शुरू किया मधुमक्खी पालन, दोगुनी हो गई पैदावार;...

आम के बाग में शुरू किया मधुमक्खी पालन, दोगुनी हो गई पैदावार; किसान ने पेश की मिसाल


मधुमक्खी पालन और आम के बाग का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है. दरअसल आम के पेड़ों पर जब बौर आता है. तो मधुमक्खियां फूलों का रस चूसने के लिए उन पर बैठती हैं. इस दौरान वे पॉलिनेशन यानी परागण की प्रोसेस को कई गुना तेज कर देती हैं. इससे फूलों का फल में बदलना आसान हो जाता है और बाग में फलों की संख्या बढ़ जाती है.

मधुमक्खी पालन और आम के बाग का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है. दरअसल आम के पेड़ों पर जब बौर आता है. तो मधुमक्खियां फूलों का रस चूसने के लिए उन पर बैठती हैं. इस दौरान वे पॉलिनेशन यानी परागण की प्रोसेस को कई गुना तेज कर देती हैं. इससे फूलों का फल में बदलना आसान हो जाता है और बाग में फलों की संख्या बढ़ जाती है.

अक्सर बागवानों को शिकायत रहती है कि बौर तो बहुत आया लेकिन फल कम टिके. मधुमक्खियां इसी समस्या का समाधान हैं. जब बाग में मधुमक्खियों के डिब्बे रखे जाते हैं. तो परागण की क्वालिटी सुधरती है और फल झड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है. नतीजा यह होता है कि आम का साइज और क्वालिटी दोनों ही बाजार में अव्वल दर्जे के मिलते हैं.

अक्सर बागवानों को शिकायत रहती है कि बौर तो बहुत आया लेकिन फल कम टिके. मधुमक्खियां इसी समस्या का समाधान हैं. जब बाग में मधुमक्खियों के डिब्बे रखे जाते हैं. तो परागण की क्वालिटी सुधरती है और फल झड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है. नतीजा यह होता है कि आम का साइज और क्वालिटी दोनों ही बाजार में अव्वल दर्जे के मिलते हैं.

Published at : 25 Apr 2026 12:42 PM (IST)

एग्रीकल्चर फोटो गैलरी



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments