Pumpkin Cultivation Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शुद्ध और ताजी सब्जियों का मिलना किसी लग्जरी से कम नहीं है. ऐसे में अगर आप भी बाजार की केमिकल वाली सब्जियों से परेशान हैं. तो अपने घर की खाली पड़ी छत का इस्तेमाल कद्दू उगाने के लिए कर सकते हैं. कद्दू एक ऐसी सब्जी है जिसे बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं होती और यह कम मेहनत में भी जबरदस्त पैदावार देती है.
छत पर बागवानी करना न सिर्फ आपको तनाव से दूर रखता है. बल्कि आपके किचन के बजट को भी काफी हद तक कंट्रोल कर देता है. बस थोड़ी सी सही जानकारी और सही शुरुआत के साथ आप अपनी छत को एक छोटे से खेत में बदल सकते हैं और साल भर घर की बनी ताजी सब्जी का लुत्फ उठा सकते हैं.
सही गमले और मिट्टी का चुनाव
छत पर कद्दू उगाने के लिए सबसे जरूरी चीज है सही कंटेनर या ग्रो बैग का चुनाव करना. चूंकि कद्दू की जड़ें फैलती हैं और इसका पौधा बेल वाला होता है. इसलिए आपको कम से कम 18 से 24 इंच चौड़ा और गहरा गमला लेना चाहिए. मिट्टी तैयार करते समय साधारण मिट्टी में 40% गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट जरूर मिलाएं ताकि पौधे को भरपूर पोषण मिले.
ड्रेनेज सिस्टम का खास ख्याल रखें ताकि गमले में पानी जमा न हो. वरना जड़ें सड़ सकती हैं. मिट्टी में थोड़ा सा नीम खली पाउडर मिलाने से पौधों को शुरुआती दौर में कीड़ों और फंगस से बचाने में काफी मदद मिलती है और पौधा हेल्दी रहता है.
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बीज बोने का तरीका
कद्दू के बीज लगाने के लिए साल में दो सीजन सबसे बेस्ट होते हैं. एक फरवरी से मार्च और दूसरा जून से जुलाई. बीजों को लगाने से पहले अगर आप उन्हें 4-5 घंटे पानी में भिगो दें. तो अंकुरण जल्दी होता है. गमले में लगभग एक इंच की गहराई पर बीज बोएं और हल्का पानी छिड़कें. कद्दू को धूप बहुत पसंद है.
इसलिए इसे छत के उस हिस्से में रखें जहां कम से कम 6-7 घंटे की सीधी धूप आती हो. जब पौधा 5-6 इंच का हो जाए, तो इसमें थोड़ी और खाद डालें. पानी हमेशा तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी लगे. क्योंकि जरूरत से ज्यादा नमी भी पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है.
इतने दिन में तैयार कद्दू
चूंकि कद्दू एक बेल वाली फसल है. इसे फैलने के लिए जगह चाहिए होती है. छत पर जगह बचाने के लिए आप वर्टिकल गार्डनिंग का सहारा ले सकते हैं या मजबूत जाल (ट्रेलिस) बना सकते हैं जिससे बेल ऊपर की ओर चढ़ सके. जब बेल में फूल आने लगें तो पॉलिनेशन का ध्यान रखें. अगर आपके पास मधुमक्खियां कम आती हैं.
तो आप हैंड पॉलिनेशन भी कर सकते हैं. एक बार फल सेट हो जाने के बाद उसे सहारा देने के लिए किसी नेट बैग का इस्तेमाल करें जिससे वजन से बेल न टूटे. लगभग 80 से 90 दिनों में आपका कद्दू तोड़ने के लिए तैयार हो जाएगा. जो पूरी तरह ऑर्गेनिक और स्वाद में बेमिसाल होगा.
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