Monday, July 13, 2026
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एक बार लगाएं और 18 महीने में पाएं 5 से 6 लाख का मुनाफा, इस फसल से किसान हो रहे हैं मालामाल


Shatavari Farming Tips: अगर आप भी पारंपरिक फसलों के चक्कर में पड़कर थक चुके हैं और खेती से कोई तगड़ी कमाई नहीं हो पा रही है.  तो अब कुछ हटकर सोचने का समय आ गया है. आजकल मार्केट में एक औषधीय पौधे यानी शतावरी की खेती का काफी की जा रही है. इस फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लागत नाममात्र की आती है.

लेकिन जब इसका रिटर्न मिलता है तो किसान मालामाल हो जाते हैं. अगर आप एक एकड़ जमीन में इसकी शुरुआत करते हैं. तो सिर्फ 18 महीने की मेहनत के बाद आसानी से 5 से 6 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. इसकी बढ़ती डिमांड किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है. 

जानिए कैसे होती है शतावरी की खेती?

अब आप सोच रहे होंगे कि इस फसल को उगाने का तरीका क्या है. तो आपको बता दें कि शतावरी की खेती करना बहुत ही आसान है और इसमें किसी भी तरह के भारी-भरकम खर्चे की जरूरत नहीं पड़ती. इसकी बुवाई के लिए सबसे पहले नर्सरी में इसके पौधे तैयार किए जाते हैं. जिन्हें बाद में खेतों में मेढ़ बनाकर लगा दिया जाता है. इस फसल को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. 

इसलिए कम सिंचाई वाले इलाकों के लिए भी यह पूरी तरह परफेक्ट है. पौधे लगाने के बाद आपको बस थोड़े-बहुत मैनेजमेंट का ध्यान रखना होता है. लगभग 18 महीने में इसकी जड़ें पूरी तरह पककर तैयार हो जाती हैं, जिन्हें खोदकर निकाल लिया जाता है. इन जड़ों को सुखाकर या इनका पाउडर बनाकर मार्केट में बेचा जाता है, जिसकी डिमांड हमेशा हाई रहती है.

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इन जगहों पर भारी डिमांड रहती है

आयुर्वेद और मेडिकल इंडस्ट्री में शतावरी का इस्तेमाल कई तरह की दवाइयां और टॉनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है, यही वजह है कि मार्केट में इसका भाव हमेशा आसमान छूता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस फसल पर आवारा पशुओं या नीलगाय का कोई खतरा नहीं रहता. क्योंकि वह इसे नहीं खाते. जिससे आपकी फसल पूरी तरह सुरक्षित रहती है. 

मिलता है 6 लाख तक मुनाफा

इसकी खेती में शुरुआत में पौधों और खाद का जो थोड़ा-बहुत खर्च आता है वह पहली ही हार्वेस्टिंग में चुटकियों में वसूल हो जाता है और एक एकड़ से आसानी से 6 लाख रुपये तक का मुनाफा हाथ में आता है. डाबर, पतंजलि जैसी बड़ी-बड़ी आयुर्वेदिक कंपनियां सीधे खेतों से इसे अच्छे दामों पर खरीद लेती हैं. 

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