Wednesday, July 15, 2026
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गन्ने की खेती करने वाले किसान ध्यान दें, भारी बारिश में भी नहीं खराब होगी फसल, बस गांठ बांध लें ये 5 जरूरी बातें


ऐसे में किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे पूरी मेहनत बेकार न जाए. सही मैनेजमेंट अपनाकर भारी बारिश के दौरान भी गन्ने की फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. मानसून में सबसे पहला काम खेत से ज्यादा पानी बाहर निकालने का होना चाहिए.

ऐसे में किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे पूरी मेहनत बेकार न जाए. सही मैनेजमेंट अपनाकर भारी बारिश के दौरान भी गन्ने की फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. मानसून में सबसे पहला काम खेत से ज्यादा पानी बाहर निकालने का होना चाहिए.

अगर गन्ने की जड़ों के पास लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो पौधों की ग्रोथ पर असर पड़ता है. इसलिए खेत की नालियों की समय समय पर सफाई करें और पानी निकलने का रास्ता हमेशा खुला रखें. जहां जरूरत लगे वहां तुरंत पानी बाहर निकाल दें ताकि फसल को किसी तरह का नुकसान न हो.

अगर गन्ने की जड़ों के पास लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो पौधों की ग्रोथ पर असर पड़ता है. इसलिए खेत की नालियों की समय समय पर सफाई करें और पानी निकलने का रास्ता हमेशा खुला रखें. जहां जरूरत लगे वहां तुरंत पानी बाहर निकाल दें ताकि फसल को किसी तरह का नुकसान न हो.

बारिश के दौरान बिना मौसम देखे खाद डालना सही फैसला नहीं होता. अगर तेज बारिश आने वाली है तो खाद डालने से बचें क्योंकि वह बह सकती है. मौसम सामान्य होने के बाद ही सही मात्रा में नाइट्रोजन और पोटाश का इस्तेमाल करें. इससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होगी और गन्ना भी मजबूत तैयार होगा.

बारिश के दौरान बिना मौसम देखे खाद डालना सही फैसला नहीं होता. अगर तेज बारिश आने वाली है तो खाद डालने से बचें क्योंकि वह बह सकती है. मौसम सामान्य होने के बाद ही सही मात्रा में नाइट्रोजन और पोटाश का इस्तेमाल करें. इससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होगी और गन्ना भी मजबूत तैयार होगा.

बारिश में नमी बढ़ने के साथ फंगस का अटैक और कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं. इसलिए खेत का नियमित निरीक्षण करते रहें. अगर किसी पौधे में बीमारी के शुरुआती संकेत दिखें तो उसे इग्नोर न करें. तुरंत कृषि एक्सपर्ट की सलाह लें और सही दवा का इस्तेमाल करें ताकि बीमारी पूरे खेत में न फैले.

बारिश में नमी बढ़ने के साथ फंगस का अटैक और कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं. इसलिए खेत का नियमित निरीक्षण करते रहें. अगर किसी पौधे में बीमारी के शुरुआती संकेत दिखें तो उसे इग्नोर न करें. तुरंत कृषि एक्सपर्ट की सलाह लें और सही दवा का इस्तेमाल करें ताकि बीमारी पूरे खेत में न फैले.

बारिश के मौसम में खेत में बेकार घास बहुत तेजी से उगती है. यह गन्ने की फसल का जरूरी पोषण छीन लेती है और पौधों की ग्रोथ धीमी कर देती है. इसलिए समय समय पर खेत की सफाई और गुड़ाई करते रहें. इससे फसल को हवा और धूप भी अच्छी मिलेगी और बीमारी का खतरा भी कम रहेगा.

बारिश के मौसम में खेत में बेकार घास बहुत तेजी से उगती है. यह गन्ने की फसल का जरूरी पोषण छीन लेती है और पौधों की ग्रोथ धीमी कर देती है. इसलिए समय समय पर खेत की सफाई और गुड़ाई करते रहें. इससे फसल को हवा और धूप भी अच्छी मिलेगी और बीमारी का खतरा भी कम रहेगा.

अगर गन्ने के पौधे अच्छी ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं तो उनकी जड़ों के पास मिट्टी चढ़ा दें. इससे पौधे मजबूत बने रहते हैं और तेज हवा या भारी बारिश में गिरने का चांस काफी कम हो जाता है. साथ ही जड़ों का विकास भी अच्छा होता है और पौधे जरूरी पोषण बेहतर तरीके से ले पाते हैं.

अगर गन्ने के पौधे अच्छी ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं तो उनकी जड़ों के पास मिट्टी चढ़ा दें. इससे पौधे मजबूत बने रहते हैं और तेज हवा या भारी बारिश में गिरने का चांस काफी कम हो जाता है. साथ ही जड़ों का विकास भी अच्छा होता है और पौधे जरूरी पोषण बेहतर तरीके से ले पाते हैं.

Published at : 12 Jul 2026 06:40 PM (IST)

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