Tuesday, September 22, 2026
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पीएम मोदी ने जो बाइडेन को गिफ्ट की चांदी का ‘ट्रेन इंजन’, पत्नी जिल को भी खास तोहफा


जो बाइडेन के गृह नगर में उनसे मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडेन दंपत्ति को खास तोहफे दिए। उन्होने जो बाइडेन को चांदी का ट्रेन इंजन का मॉडल गिफ्ट किया। वहीं जिल बाइडेन को पश्मीना शॉल भेंट गिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमे​रिका के राष्ट्रपति जो बिडेन से जब उनके निजी निवास में मुलाकात के दौरान उन्हें उपहार भी भेंट किया। पीएम मोदी क्वाड नेताओं की छठवीं शिखर बैठक में भाग लेने शुक्रवार को जब राष्ट्रपति बाइडेन के गृहनगर विलमिंगटन में पहुंचने पर उन्होंने उनकी पत्नी जिल बाइडेन से भी मुलाकात की। अमेरिका में हो रहे राष्ट्रपति चुनावों से श्री बिडेन ने अपना नाम वापस ले ​लेने के बाद उनकी पारी का यह आखिरी दौर है। बाइडेन ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को हाथ से चांदी से उत्कीर्ण एक पुराना भाप इंजन से चलने वाली रेलगाड़ी का मॉडल उपहार में दिया। यह पुराना चांदी का ट्रेन मॉडल एक दुर्लभ और असाधारण कलाकृति है जिसे चांदी के समृद्ध शिल्प कौशल की विरासत के लिए प्रसिद्ध महाराष्ट्र के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। 92.5 प्रतिशत चांदी से बना यह मॉडल भारतीय धातु कलात्मकता के भव्यता को प्रदर्शित करता है। इसमें पारंपरिक तकनीकों जैसे उत्कीर्णन, रिपॉसे (उभरे हुए डिजाइन बनाने के लिए पीछे से हथौड़ा मारना) और जटिल फिलाग्री काम आदि शामिल हैं।

भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाते हुए, ट्रेन मॉडल को मुख्य गाड़ी के किनारों पर “डेल्ही – डेलावेयर” और भारत में यात्री ट्रेनों पर इंजन के किनारों पर अंग्रेजी और हिंदी में इस्तेमाल किए गए मानक प्रारूप के आधार पर “भारतीय रेलवे” उकेरा गया है। यह उत्कृष्ट कृति न केवल कारीगर के असाधारण कौशल को उजागर करती है बल्कि भारतीय रेलवे के लंबे इतिहास और इसके वैश्विक प्रभावों का एक शानदार प्रमाण भी है।

जिल बाइडेन को तोहफे में दिया पश्मीना शॉल

इसी प्रकार से अमेरिका की प्रथम महिला जिल बिडेन के लिये पेपर मैशी बॉक्स में पैक एक पश्मीना शॉल का उपहार भेंट किया गया। असाधारण गुणवत्ता और अद्वितीय सुंदरता की पश्मीना शॉल जम्मू कश्मीर की पहचान है। यह लद्दाख के ऊंचे इलाकों में पाई जाने वाली चांगथांगी बकरी की ऊन से बनायी जाती है। इस ऊन अविश्वसनीय रूप से महीन और मुलायम रेशे, जिसे पश्म के नाम से जाना जाता है, को हाथ से कंघी किया जाता है। कुशल कारीगर पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करके हाथ से पश्म को ऊनी सूत बनाते हैं।

पश्मीना शॉल का रंग-रूप अत्यंत विविध है। पौधों और खनिजों से प्राप्त प्राकृतिक रंग कपड़े को जीवंत रंग प्रदान करते हैं। पश्मीना शॉल पीढ़ियों से चली आ रही विरासत है, जो अपने धागों में यादें और भावनाएं समेटे हुए है।समकालीन डिजाइनर आधुनिक संवेदनाओं को शामिल कर रहे हैं, बोल्ड रंगों, चंचल पैटर्न और यहां तक ​​कि फ्यूजन शैलियों के साथ प्रयोग कर रहे हैं ताकि पश्मीना की विरासत पीढ़ियों और संस्कृतियों के दिलों को लुभाती हुई प्रासंगिक बनी रहे।

पश्मीना शॉल पारंपरिक रूप से जम्मू-कश्मीर से पेपर मैशी बक्से में पैक किए जाते हैं, जो अपनी उत्कृष्ट सुंदरता और शिल्प कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं। ये बक्से कागज की लुगदी, गोंद और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों के मिश्रण का उपयोग करके हस्तनिर्मित हैं। प्रत्येक बक्सा कला का एक अनूठा नमूना है, जो कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। ये बक्से न केवल उपयोग में लाये जाते हैं बल्कि अपने आप में सजावटी वस्तुओं के रूप में भी काम करते हैं।

बाइडेन ने पीएम मोदी का इन शानदार उपहारों के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मोदी ने भारत-अमेरिका साझेदारी को गति देने में राष्ट्रपति बिडेन द्वारा किए गए अद्वितीय योगदान के लिए अपनी सराहना व्यक्त की। उन्होंने जून 2023 में अमेरिका की अपनी राजकीय यात्रा और जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए सितंबर 2023 में राष्ट्रपति बिडेन की भारत यात्रा को गर्मजोशी से याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यात्राओं ने भारत-अमेरिका साझीदारी को अधिक गतिशीलता और गहराई प्रदान की है।

प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका को आज एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझीदारी का गौरव हासिल है जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों एवं हितों और लोगों के बीच जीवंत संबंधों द्वारा संचालित सभी क्षेत्रों को कवर करता है। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे सहित वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने रिश्ते की मजबूती और निरंतर लचीलेपन और दोनों देशों के बीच मानव प्रयास के सभी क्षेत्रों के लिए इसके महत्व पर विश्वास व्यक्त किया।



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