Tuesday, July 28, 2026
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बंजर खेत में लगवाना है सोलर प्लांट, कितनी सब्सिडी देगी सरकार?


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  • पीएम-कुसुम योजना बंजर जमीन से सौर ऊर्जा आय दे।
  • किसान बिजली बेचकर 25 साल तक निश्चित कमाई करें।
  • सरकार 30-60% सब्सिडी, बैंक 30% कम ब्याज ऋण देगा।
  • बिना निवेश, जमीन लीज पर देकर किराया भी पाएं।

Solar Plant Subsidy: खेती-बाड़ी में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि किसानों के पास कुछ ऐसी जमीन पड़ी रह जाती है जो पूरी तरह बंजर होती है. ऐसी जमीन पर कोई भी फसल नहीं उग पाती और वह सालों-साल यूं ही बेकार पड़ी रहती है. लेकिन अब यही बेकार बंजर खेत आपके लिए हर महीने पक्की और मोटी कमाई का जरिया बन सकता है. केंद्र सरकार किसानों की इसी समस्या को दूर करने और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी पीएम कुसुम योजना(PM-KUSUMYojana) चला रही है.

इस योजना के तहत आप अपने बंजर खेत में सोलर प्लांट लगवाकर खुद बिजली बना सकते हैं. बनाई गई बिजली का इस्तेमाल सिंचाई में करने के साथ-साथ बची हुई बिजली को सरकारी या प्राइवेट बिजली कंपनियों को बेचकर हर साल लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं. आइए समझते हैं कि इस योजना का गणित क्या है और सरकार इसमें कितनी मदद देती है.

बंजर जमीन से कमाई का रास्ता

सरकार की पीएम-कुसुम योजना (घटक-ए) खासतौर पर उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिनकी जमीन पर फसलें नहीं उगतीं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और किसानों को ऊर्जादाता बनाना है. अगर आपके पास आधा एकड़ से लेकर 2 एकड़ तक की बंजर जमीन है.

तो आप वहां 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता तक का सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं. इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली को स्थानीय बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) एक तय दर पर आपसे खरीदती हैं. इसके लिए कंपनियों के साथ 25 साल का करार होता है. जिससे किसानों को हर महीने एक फिक्स्ड इनकम मिलती रहती है.

सोलर प्लांट पर सरकार से कितनी मिलेगी सब्सिडी?

बंजर खेत में सोलर प्लांट लगाना थोड़ा खर्चीला काम जरूर लगता है. लेकिन सरकार ने इसे बेहद आसान बना दिया है. पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर प्लांट की कुल लागत पर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 30% से 60% तक की भारी सब्सिडी दे रही हैं. इसके अलावा बाकी बची रकम के लिए बैंक से लगभग 30% तक का कम ब्याज पर लोन मिल जाता है.

यानी कि किसान को अपनी जेब से केवल 10% से 15% तक का ही शुरुआती निवेश करना पड़ता है. इस भारी-भरकम सब्सिडी की वजह से किसान पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और प्लांट बहुत कम खर्च में शुरू हो जाता है.

बंजर खेत में लगवाना है सोलर प्लांट, कितनी सब्सिडी देगी सरकार?

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अगर पैसे नहीं हैं तो लीज पर देकर भी करें कमाई

कई बार किसानों के पास सोलर प्लांट लगाने के लिए शुरुआती 10% पैसा या बैंक लोन लेने की क्षमता नहीं होती. सरकार ने ऐसे किसानों के लिए भी एक बढ़िया ऑप्शन रखा है. आप अपनी बंजर जमीन को किसी सोलर डेवलपर या कंपनी को 25 साल के लिए पट्टे यानी लीज पर दे सकते हैं.

ऐसे में सोलर प्लांट लगाने का पूरा खर्चा, रखरखाव और रिस्क डेवलपर कंपनी का होगा. वह आपकी जमीन पर प्लांट लगाएगी और आपको हर साल या महीने प्रति एकड़ के हिसाब से तय किराया देगी. बिना एक भी रुपया लगाए अपनी सूखी बंजर जमीन से हर महीने घर बैठे किराया कमाने का यह सबसे आसान तरीका है.

सोलर प्लांट लगाने के लिए पात्रता

इस योजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्तिगत किसान, किसानों का समूह, सहकारी समितियां या एफपीओ आवेदन कर सकते हैं. शर्त बस इतनी है कि जमीन आवेदक के नाम होनी चाहिए और पास में ही बिजली सब-स्टेशन (33/11 KV) होना चाहिए जिससे बिजली आसानी से ग्रिड तक पहुंच सके.

बंजर खेत में लगवाना है सोलर प्लांट, कितनी सब्सिडी देगी सरकार?

क्या है आवेदन की प्रक्रिया?

आवेदन करने के लिए आपको अपने राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा विकास प्राधिकरण जैसे UPNEDA, HAREDA आदि या पीएम-कुसुम पोर्टल पर जाना होगा. वहां आधार कार्ड, जमीन की खसरा-खतौनी, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है. कागजातों और जमीन की जांच के बाद प्लांट लगाने की मंजूरी मिल जाती है.

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