- पीएम किसान योजना का लाभ जमीन मालिक को मिलता है।
- राजस्व रिकॉर्ड में नाम न होने से बटाईदार अपात्र हैं।
- अपनी जमीन पर आवेदन कर, e-KYC से किस्त मिलेगी।
- अगली किस्त अक्टूबर में संभावित, सभी औपचारिकताएं पूरी करें।
PM Kisan Yojana Rules: देश में करोड़ों की संख्या में किसान रहते हैं जिनके लिए सरकार तरह-तरह की योजनाएं चलाती है, जिनमें पीएम किसान सम्मान निधि योजना सबसे प्रमुख है. इस योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसान परिवारों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है. जो 2000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. बीज, खाद और खेती से जुड़ी दूसरी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में यह राशि किसानों के काफी काम आती है.
लेकिन देश के बहुत से ग्रामीण इलाकों में एक बड़ी आबादी ऐसी भी है जो अपनी जमीन न होने के चलते दूसरों के खेतों को बटाई पर लेकर खेती-बाड़ी करती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इन बटाईदार किसानों को पीएम किसान योजना की अगली किस्त का लाभ मिलेगा? चलिए आपको बताते हैं इसके सभी नियमों के बारे में पूरी जानकारी
पीएम किसान के कड़े नियम
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का सबसे अहम नियम जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है. सरकार पात्र किसानों की पहचान केवल और केवल सरकारी राजस्व रिकॉर्ड जैसे खसरा-खतौनी के आधार पर ही करती है. योजना के नियमों के मुताबिक जिस व्यक्ति के नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज होगी.
लाभ सिर्फ उसी को मिलेगा. अगर कोई व्यक्ति खेत में खुद हल चला रहा है और दिन-रात मेहनत कर रहा है. लेकिन कागजों में जमीन उसके नाम नहीं है. तो सिस्टम उसे लाभार्थी नहीं मानता है. यानी सिर्फ फसल उगाना या खेती करना इस योजना की पात्रता तय नहीं करता है.
बटाईदारों की मिलती है किस्त?
गांवों में एक बड़ा तबका ऐसा है जो जमीन मालिकों से खेत लेकर फसल उगाता है और बदले में उपज या कमाई का एक हिस्सा देता है. यह बटाईदार किसान ही बीज, खाद, सिंचाई और कटाई का सारा जिम्मा संभालते हैं. इसके बावजूद जमीन का कानूनी और सरकारी मालिकाना हक मूल भू-स्वामी के पास ही रहता है.
क्योंकि राजस्व रिकॉर्ड में बटाईदार का नाम दर्ज नहीं होता. इसलिए मौजूदा सरकारी नियमों के तहत वह सीधे तौर पर पीएम किसान योजना के दायरे में नहीं आते हैं और उन्हें इस योजना की किस्तों का लाभ नहीं मिल पाता है.

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क्या कम जमीन होने पर मिलेगा योजना का लाभ?
यहां एक बहुत ही जरूरी बात ध्यान देने वाली है. अगर कोई किसान दूसरों के खेतों में बड़े पैमाने पर बटाई पर खेती करता है. लेकिन इसके साथ ही उसके अपने नाम पर भी थोड़ी-बहुत कृषि योग्य भूमि दर्ज है. तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है.
ऐसा किसान अपनी निजी जमीन के कागजात के आधार पर पीएम किसान पोर्टल पर आसानी से आवेदन कर सकता है. अपनी जमीन का ब्योरा दर्ज कराने पर उसे योजना की अगली किस्त नियमानुसार जरूर मिलेगी. हालांकि जो किसान पूरी तरह से भूमिहीन हैं वह इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं.
अगली किस्त पाने के लिए यह काम जरूरी
जिन किसानों के नाम पर अपनी जमीन दर्ज है और वह योजना के लिए पात्र हैं. उन्हें अगली किस्त बिना किसी रुकावट के पाने के लिए कुछ जरूरी काम समय पर पूरे करने होंगे. सबसे पहले आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और उसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT चालू होना चाहिए. इसके साथ ही पीएम किसान पोर्टल पर जाकर e-KYC पूरा करना और अपने खेत का भू-सत्यापन कराना जरूरी है. अगर इनमें से कोई भी काम अधूरा रह जाता है. तो आपकी आने वाली किस्त अटक सकती है.

कब जारी होगी अगली किस्त?
पीएम किसान योजना के तहत सरकार हर चार महीने के अंतराल पर 2000 रुपये की किस्त जारी करती है. योजना की पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून को जारी की गई थी. चार महीने के इस तय अंतराल के हिसाब से देखें तो अगली यानी 24वीं किस्त अक्टूबर के महीने में जारी की जा सकती है. हालांकि किस्त जारी करने की सटीक तारीख का आधिकारिक ऐलान केंद्र सरकार द्वारा पोर्टल पर ही किया जाएगा. आप पोर्टल पर किस्त का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.
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