Wednesday, July 15, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारबरसात में लगाने जा रहे हैं पौधे? तो बस नोट कर लें...

बरसात में लगाने जा रहे हैं पौधे? तो बस नोट कर लें ये 5 सबसे जरूरी बातें


Monsoon Planting Tips: बरसात का मौसम शुरू होते ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है और बागवानी करने वालों के चेहरे खिल जाते हैं. जुलाई और अगस्त का महीना फलदार या कोई भी नया पौधा लगाने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. क्योंकि इस समय मिट्टी में कुदरती नमी होती है जिससे जड़ें तेजी से फैलती हैं. 

लेकिन सिर्फ पौधा लगा देना ही काफी नहीं होता. अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हुई तो आपका महंगा और अच्छा पौधा भी कुछ ही दिनों में सड़कर खराब हो सकता है. इसलिए इस मॉनसून अगर आप भी प्लांटेशन का मन बना रहे हैं. तो इन 5 जरूरी बातों का ख्याल जरूर रखें जिससे आपका बगीचा एकदम हरा-भरा रहे.

अच्छी नर्सरी से ही खरीदें पौधे

आपका पौधा कैसा है इस बात का उसकी ग्रोथ पर बड़ा असर पड़ता है. हमेशा सरकारी उद्यान विभाग, वन विभाग या किसी रजिस्टर्ड और भरोसेमंद नर्सरी से ही पौधे खरीदें. पौधा लेते वक्त ध्यान दें कि उसका तना मजबूत हो जड़ें अच्छी तरह विकसित हों और पत्तियों पर किसी कीड़े या बीमारी का असर न दिख रहा हो.

यह भी पढ़ें: एक ही खर्च में डबल कमाई! मछली पालन के साथ बिना मिट्टी के सब्जियां उगाने का ये है जादुई फॉर्मूला

गड्ढे की सही तैयारी 

पौधा लगाने से पहले सही तरीके से गड्ढा खोदना बहुत जरूरी है. गड्ढे से जो मिट्टी निकले उसके एक-तिहाई हिस्से में बराबर मात्रा में बालू और अच्छे से सड़ी हुई गोबर की खाद मिक्स कर लें. इस मिक्चर में थोड़ा सा एंटीफंगल पाउडर जरूर मिला लें जिससे शुरुआती दिनों में जड़ों में कोई बीमारी न लगे.

रोपाई का सही तरीका

जब अच्छी बारिश हो जाए तब पौधों को गड्ढे में ट्रांसफर करें. नर्सरी वाली पॉलिथीन को बहुत ही आराम से हटाएं जिससे मिट्टी का पिंडा टूटने न पाए. पौधे को गड्ढे के ठीक बीच में रखें और उसकी जड़ों को ऊपरी सतह से 2-3 इंच नीचे दबाएं. मिट्टी भरने के बाद हाथों से हल्का दबाएं बहुत ज्यादा टाइट न करें.

गमलों को जलभराव से बचाएं

बरसात का पानी पौधों के लिए अमृत जैसा है. लेकिन हद से ज्यादा पानी उनके लिए जहर बन जाता है. अगर आपके खेत या गमले में पानी जमा हो रहा है. तो जल निकासी यानी वाटर ड्रेनेज का तुरंत इंतजाम करें. लंबे समय तक जड़ों के पास पानी ठहरने से वह गल जाती हैं और पौधा मर जाता है.

निराई-गुड़ाई और मल्चिंग करना न भूलें

पौधा लगाने के बाद उसके आसपास उगने वाले खरपतवार को समय-समय पर निकालते रहें. नहीं तो वे पौधे का सारा न्यूट्रिशन सोख लेंगे. इसके साथ ही पौधे के तने के चारों तरफ सूखी घास या पत्तियों की एक परत बिछा दें जिसे मल्चिंग कहते हैं. यह तकनीक मिट्टी की नमी बनाए रखती है और जड़ों को सेफ रखती है.

यह भी पढ़ें: बंजर जमीन पर भी सोना उगाता है इजरायल! जानिए भारतीय किसान कैसे अपना सकते हैं ये 3 तकनीकें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments