
इस खास योजना का नाम देशी मछली पालन प्रोत्साहन योजना रखा गया है. सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि राज्य में रेहू, कतला और मृगल जैसी लोकल और पारंपरिक मछलियों का प्रोडक्शन तेजी से बढ़े. इन मछलियों की डिमांड मार्केट में हमेशा बहुत ज्यादा रहती है. जिससे किसानों को तगड़ा मुनाफा होना तय है.

योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सब्सिडी है. जो आम लोगों के लिए 40 परसेंट और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ सभी वर्ग की महिलाओं के लिए पूरे 60 परसेंट तक रखी गई है. यानी नया तालाब बनाने और बीज डालने के बड़े खर्च का आधे से ज्यादा हिस्सा सरकार खुद उठाएगी.

इस योजना का लाभ उठाने के लिए बिहार सरकार ने ऑनलाइन आवेदन की प्रोसेस को भी शुरू कर दिया है. अगर आप भी इस सब्सिडी का फायदा लेकर अपना खुद का एक्वाकल्चर बिजनेस सेटअप करना चाहते हैं. तो आपको बिना किसी देरी के मत्स्य विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए.

सरकार ने इसके लिए एक डेडलाइन भी सेट कर दी है. इस पूरी योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने की लास्ट डेट 31 अगस्त 2026 तय की गई है. अगर आप इस तारीख तक फॉर्म सबमिट नहीं कर पाते हैं. तो आप इस साल सरकार की तरफ से मिलने वाली इस बड़ी आर्थिक मदद से चूक जाएंगे.

अप्लाई करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए, जैसे कि आपकी जमीन के पेपर्स, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो. अगर आप लीज की जमीन पर भी मछली पालन शुरू करना चाहते हैं. तो भी आप एग्रीमेंट पेपर्स के साथ आसानी से आवेदन कर सकते हैं.

बिहार सरकार का यह कदम राज्य के बेरोजगार युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है. तो बस देर किस बात की अगर आपके पास खाली जमीन है या आप इस बिजनेस में इंटरेस्टेड हैं. तो 31 अगस्त से पहले अपना एप्लीकेशन फॉर्म जरूर लॉक कर दें.
Published at : 09 Jul 2026 04:11 PM (IST)


