‘रंग बना रहे’: बर्जर पेंट्स ने हमारे भीतर के रंगों का जश्न मनाते हुए एक नया कैंपेन शुरू किया
यह नया कैंपेन बर्जर पेंट्स की उस विरासत से प्रेरणा लेता है, जिसके तहत कंपनी ऐसे बेहतरीन पेंट्स बनाती आई है जिनके रंग हमेशा बरकरार रहते हैं, ताकि ज़िंदगी चाहे कुछ भी सामने लाए, इंसान के अपने रंगों को जीवंत रखने के जज्बे का जश्न मनाया जा सके

राष्ट्रीय, 24 जुलाई 2026: देश की दूसरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी, बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड ने एक बेहद खास सोच पर आधारित अपनी नई ब्रांड पहचान का अनावरण किया है: ज़िंदगी चाहे हमारी कितनी भी परीक्षा क्यों न ले ले, वह हमारे रंगों को कभी छीन नहीं सकती।
रंग बना रहे विचार के ज़रिए सामने लाया गया यह नया कैंपेन बर्जर पेंट्स के रंगों को सुरक्षित रखने के पुराने वादे को मानवीय दृष्टिकोण से फिर से पेश करता है। पेंट उद्योग में, जहाँ अक्सर सभी ब्रांड एक जैसे दिखते रहे हैं और रंगों को केवल बाहरी अभिव्यक्ति के रूप में देखा गया है, वहीं बर्जर अपनी विशिष्ट पहचान और बिल्कुल अलग विज़ुअल ट्रीटमेंट के साथ एक नया नज़रिया पेश करता है।
दशकों से बर्जर ने अपने बेहतरीन उत्पादों के ज़रिए रंगों की सुरक्षा की है। इसका होमशील्ड दीवारों को बारिश से बचाता है, वेदरकोट एंटी डस्ट धूल-मिट्टी को दूर रखता है, वहीं ईज़ी क्लीन रोज़मर्रा के दाग-धब्बों का सामना करता है। इसी प्रतिबद्धता ने कंपनी के उत्पादों, उसके नवाचारों और करोड़ों घरों में उसकी जगह को आकार दिया है।
रंग बना रहे के साथ बर्जर रंगों को सुरक्षित रखने के अपने इस अटूट वादे को दीवारों से आगे बढ़ाकर लोगों के जीवन तक ले जाता है। रंग बना रहे सिर्फ पेंट्स के बारे में नहीं है, बल्कि यह जिंदगी को देखने का एक नज़रिया भी है। जिस तरह बर्जर पेंट हर मौसम में रंगों को बरकरार रखता है, उसी तरह यह कैंपेन विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी व्यक्तिगत पहचान, उत्साह और आंतरिक रंगों को बचाए रखने के जज्बे का जश्न मनाता है।
कैंपेन की शुरुआत खुशरंगी को दर्शाने वाली एक फिल्म से होती है, जिसके रंग कभी फीके नहीं पड़ते, चाहे बात शाब्दिक हो या लाक्षणिक। बारिश, धूल या गर्मी का उस पर कोई असर नहीं होता, ठीक उसी तरह जैसे ज़िंदगी
के हर मोड़ पर उसका उत्साह अडिग रहता है। जैसे-जैसे उसका दिन आगे बढ़ता है, यह फिल्म मानवीय जीवटता की ताकत को उजागर करती है। यह हमें याद दिलाती है कि सच्ची ताकत जीवन की चुनौतियों से बचने में नहीं है, बल्कि उनके बावजूद खुद को खास बनाने वाली चीज़ों को बचाए रखने में है।
इस कैंपेन पर बात करते हुए, अभिजीत रॉय, एमडी और सीईओ, बर्जर पेंट्स इंडिया ने कहा, “कई सालों से लोग बर्जर को ईज़ी क्लीन और एंटी डस्ट जैसे पेंट के ज़रिए रंगों को बचाने के लिए जानते हैं। जब हमने ब्रांड के आने वाले कल के बारे में सोचा, तो हमने खुद से एक सवाल किया, रंगों को सुरक्षित रखने का असली मतलब क्या होता है? तब हमें समझ आया कि यह बात सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि इंसानों की है। यह ज़िंदगी के हर उतार-चढ़ाव में अपनी असली पहचान को संभाले रखने की ताकत के बारे में है। रंग बना रहे के पीछे यही सोच है, एक ऐसी पहचान जो रंग बचाने के हमारे वादे को इंसानी दिल से जोड़ती है। जिस तरह बर्जर पेंट हर मौसम में रंगों को खराब नहीं होने देता, ठीक वैसे ही रंग बना रहे हर हाल में बिना अपनी पहचान खोए, ज़िंदगी का सामना करने की हिम्मत का जश्न मनाता है।”
अभिजीत अवस्थी, संस्थापक, साइडवेज कंसल्टिंग ने कहा, “यह ब्रीफ पेंट्स के बारे में एक और आम कैंपेन बनाने के लिए नहीं था। इसका मकसद एक ऐसा विचार खोजना था जिस पर केवल बर्जर का अधिकार हो। प्रोटेक्टिव कोटिंग्स में इसकी अग्रणी स्थिति ने हमें उस वादे को गहराई से मानवीय बनाने का मौका दिया। मूल रूप से, रंग बना रहे जीवटता और बेपरवाह खुशी का उत्सव है; ज़िंदगी चाहे कुछ भी सामने लाए, अपने रंगों को थामे रखने का एक शांत दृढ़ संकल्प है। ब्रांड की पहचान से लेकर इस फिल्म तक, सब कुछ इसी एक विचार से निकला है।”
देश भर के लोगों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए इस विज्ञापन फिल्म को कई भारतीय भाषाओं में बनाया गया है। इसे पूरे देश में टीवी, इंटरनेट, सोशल मीडिया और ग्राहकों तक पहुँचने वाले दूसरे सभी जरियों से दिखाया जाएगा।


