Wednesday, March 11, 2026
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मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में भारत की धाक, Apple ने पिछले साल देश में असेंबल किये 14 अरब डॉलर के iPhone


भारत में आईफोन...- India TV Hindi

Image Source : REUTERS
भारत में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग

अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी एपल ने वित्त वर्ष 2023-24 में वैश्विक आईफोन का 14 प्रतिशत भारत में ‘असेंबल’ किया और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में देश की रैंकिंग में चार पायदान का सुधार हुआ। आर्थिक समीक्षा 2023-24 में यह जानकारी दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में सोमवार को पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मोबाइल फोन सेगमेंट ने अधिकतम वृद्धि हुई है। अमेरिका को निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में 2.2 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 5.7 अरब डॉलर हो गया।

14 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन असेंबल किए

आर्थिक समीक्षा में तीसरे पक्ष के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया गया, ‘‘वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान एपल ने भारत में 14 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन ‘असेंबल’ किए, जो उसके वैश्विक आईफोन उत्पादन का 14 प्रतिशत है।’’ इसमें कहा गया कि फॉक्सकॉन ने कर्नाटक और तमिलनाडु में एपल मोबाइल फोन का उत्पादन शुरू किया। समीक्षा कहती है, ‘‘विश्व इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2018 के 0.63 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 0.88 प्रतिशत हो गई है। इस प्रकार वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारत का निर्यात (रैंकिंग) 2018 के 28वें स्थान से 2022 में 24वें स्थान पर पहुंच गया। भारत के व्यापारिक निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2018-19 के 2.7 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 6.7 प्रतिशत हो गई।’’

2014 के बाद से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग में तेज उछाल

इसमें कहा गया कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में 2014 के बाद से उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो वित्त वर्ष 2021-22 में वैश्विक बाजार हिस्सेदारी का अनुमानित 3.7 प्रतिशत था। इसी वित्त वर्ष में उद्योग ने भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद में चार प्रतिशत का योगदान दिया। समीक्षा में कहा गया, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का घरेलू उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 8.22 लाख करोड़ रुपये हो गया। जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में निर्यात बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया।

भारत बना आकर्षक गंतव्य

भारत इस क्षेत्र में निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। पिछले पांच साल में देश में पर्याप्त विनिर्माण क्षमताएं स्थापित की गई हैं। समीक्षा में सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज के एक अध्ययन का हवाला दिया गया, जो दर्शाता है कि वित्त वर्ष 2016-17 से मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में घरेलू मूल्य संवर्धन (डीवीए), रोजगार, मजदूरी तथा वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आर्थिक समीक्षा में कहा गया, ‘‘मोबाइल फोन उत्पादन में डीवीए की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2016-17 से वित्त वर्ष 2018-19 (चरण 1) में औसतन 8.7 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2021-22 (चरण 2) में 22 प्रतिशत हो गई, जो स्थानीय भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत है।’’





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