Guava Farming Tips: देश में सालाना तकरीबन 40 से 50 टन अमरूद पैदा किया जाता है. अमरूद की खेती में सबसे बड़ा सिरदर्द तब होता है जब फल पकने से पहले ही सड़कर गिरने लगते हैं या उनमें कीड़े घर बना लेते हैं. बागवानों के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं है. क्योंकि पूरी साल की मेहनत पर पानी फिर जाता है. लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पुरानी और देसी तकनीकों का मॉडर्न तड़का इस समस्या का परमानेंट इलाज लेकर आया है.
आजकल के दौर में जब हर कोई केमिकल फ्री और ऑर्गेनिक फलों की डिमांड कर रहा है. तो ऐसे में देसी तरीके न सिर्फ आपकी फसल बचाएंगे बल्कि उसकी मार्केट वैल्यू भी बढ़ा देंगे. इन टिप्स को अपनाकर आप अपने अमरूद के बाग को कीड़ों के अटैक से पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं. जान लें तरीके.
फल मक्खी से बचाव का देसी तरीका
अमरूद के गिरने और सड़ने की सबसे बड़ी वजह फल मक्खी (Fruit Fly) होती है. जो फलों के अंदर अंडे दे देती है. इससे बचने के लिए सबसे कूल और देसी तरीका है फेरोमोन ट्रैप या घर पर बना गुड़ का घोल.
- एक प्लास्टिक की बोतल में गुड़, थोड़ा सा सिरका और पानी मिलाकर पेड़ पर लटका दें. इसकी खुशबू से मक्खियां बोतल में फंस जाएंगी.
- दूसरा तरीका है फलों की ‘बैगिंग’ करना यानी छोटे फलों को कपड़े या कागज की थैलियों से ढक देना जिससे मक्खियां उन तक पहुंच ही न पाएं.
यह तकनीक थोड़ी मेहनत वाली जरूर है. लेकिन इससे फल एकदम बेदाग और कीड़ों से बचे रहते हैं. जिससे बाजार में आपको इनकी दोगुनी कीमत मिल सकती है.
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मिट्टी का ट्रीटमेंट और नीम स्प्रे
पेड़ों को जड़ों से मजबूत बनाने और फंगस से बचाने के लिए मिट्टी का सही मैनेजमेंट बहुत जरूरी है. केमिकल फर्टिलाइजर की जगह नीम की खली और नीम के तेल का स्प्रे इस फसल के लिए रामबाण साबित होता है.
- नीम के तेल को पानी में मिलाकर पेड़ों पर स्प्रे करने से हानिकारक कीट दूर भागते हैं और यह पूरी तरह से एनवायरमेंट फ्रेंडली भी है.
- पेड़ के चारों ओर की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें और उसमें चूना या नीम की खली मिलाएं, इससे जमीन के अंदर छिपे कीड़े खत्म हो जाते हैं.
इन देसी नुस्खों को अपनाने से न सिर्फ अमरूद का गिरना बंद होगा. बल्कि फलों का साइज और मिठास भी पहले से बेहतर हो जाएगी. अपने बाग को सुरक्षित रखने का यह सबसे किफायती और असरदार मॉडर्न तरीका है.
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