Friday, April 10, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारपीएम किसान का पैसा लेने वाले किसानों को नहीं मिलता किन योजनाओं...

पीएम किसान का पैसा लेने वाले किसानों को नहीं मिलता किन योजनाओं का फायदा? जानें पूरी डिटेल


PM Kisan Yojana Rules: पीएम किसान सम्मान निधि योजना आज के समय में करोड़ों किसानों की लाइफलाइन बन चुकी है. हर साल मिलने वाले 6000 रुपये किसानों के लिए किसी बड़े सपोर्ट से कम नहीं होते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस योजना का लाभ लेना आपके लिए कुछ दूसरे दरवाजों को बंद भी कर सकता है? सरकार ने वेलफेयर स्कीम्स का एक ऐसा स्ट्रक्चर तैयार किया है. जिसमें अगर आप एक सरकारी स्कीम से कैश बेनिफिट ले रहे हैं

तो मुमकिन है कि आप उसी कैटेगरी की दूसरी बड़ी योजनाओं के लिए अपात्र घोषित कर दिए जाएं. अक्सर जानकारी के अभाव में किसान कई जगहों पर आवेदन कर देते हैं और बाद में उन्हें रिजेक्शन झेलना पड़ता है. इसलिए यह समझना बहुत जरूरी है कि पीएम किसान के लाभार्थी होने के साथ आप किन योजनाओं में लाभ नहीं ले सकते हैं.

पेंशन वाली स्कीमों पर लगा ब्रेक

अगर आप पीएम किसान के लाभार्थी हैं. तो आप सीधे तौर पर दूसरी सरकारी पेंशन स्कीम्स का फायदा एक साथ नहीं उठा सकते. सरकार का नियम है कि एक ही व्यक्ति को दो अलग-अलग सोशल सिक्योरिटी नेट का फायदा नहीं दिया जाएगा. अगर कोई किसान पहले से ही किसी फॉर्मल सेक्टर या ईपीएफओ (EPFO) जैसी स्कीम से जुड़ा है. तो उसे पीएम किसान की लिस्ट से बाहर रखा जा सकता है.

  • सरकारी पेंशन पाने वाले किसान इस योजना की पात्रता से बाहर रखे जाते हैं.
  • इनकम टैक्स भरने वाले किसानों को पेंशन और सम्मान निधि दोनों का लाभ नहीं मिलता.

इसीलिए रजिस्ट्रेशन के वक्त अपनी पेंशन की सही जानकारी देना बहुत जरूरी है जिससे बाद में रिकवरी का सामना न करना पड़े.

यह भी पढ़ें: लाल सोने से कम नहीं है ये वाला पपीता, 8 महीने में शुरू होगी कमाई, तगड़े प्रॉफिट के लिए ऐसे करें बुवाई

बीपीएल स्कीम

कई बार देखा गया है कि जो किसान पीएम किसान योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं. उन्हें राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली कुछ विशेष अत्यधिक गरीब (BPL) श्रेणियों वाली योजनाओं से वंचित कर दिया जाता है. सरकार मानती है कि यदि आप सम्मान निधि पा रहे हैं. तो आप एक सक्रिय भूमि मालिक किसान हैं. ऐसे में भूमिहीन मजदूरों के लिए चलने वाली विशेष नकद लाभ योजनाओं में आपका नाम शामिल नहीं किया जाता.

  • राज्य स्तर पर चलने वाली कुछ बेरोजगारी भत्ता योजनाओं का लाभ इन किसानों को नहीं मिल पाता.
  • कई राज्यों में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए आने वाले विशेष आर्थिक पैकेज से भी इन्हें दूर रखा जाता है.

इसका सीधा मतलब यह है कि एक ही व्यक्ति को अलग-अलग श्रेणियों में रखकर सरकारी खजाने से डबल बेनिफिट नहीं दिया जा सकता.

लेबर डिपार्टमेंट के लाभ

जो किसान पीएम किसान के तहत 2000 रुपये की किस्त पा रहे हैं. उन्हें अक्सर लेबर कार्ड (श्रमिक कार्ड) के जरिए मिलने वाली नकद सहायता में दिक्कत आती है. ई-श्रम पोर्टल और लेबर डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक अगर आप एक किसान के रूप में सरकारी डेटाबेस में रजिस्टर्ड हैं और नकद लाभ ले रहे हैं. तो आपको असंगठित क्षेत्र के मजदूर वाली कुछ खास डायरेक्ट कैश स्कीम्स से बाहर कर दिया जाता है.

  • मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए मिलने वाली विशेष छात्रवृत्ति योजनाओं में भी किसानों को प्राथमिकता नहीं मिलती.
  • शादी या घर मरम्मत के लिए लेबर डिपार्टमेंट से मिलने वाली आर्थिक मदद में भी अक्सर किसानों का आवेदन रिजेक्ट हो जाता है.

यानी अब सरकार का डिजिटल सिस्टम अब इतना एडवांस है कि एक ही आधार कार्ड पर दो अलग-अलग योजनाओं के नकद फायदे लेना लगभग नामुमकिन हो गया है.

यह भी पढ़ें: किसानों को नहीं होगी महंगी खाद की टेंशन, खरीफ सीजन के लिए सरकार देगी इतनी सब्सिडी



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments