Beekeeping Business: परंपरागत खेती के साथ-साथ अब किसान कमाई के नए और आधुनिक रास्ते तलाश रहे हैं. केंद्र सरकार का राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (NBHM) इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है. जो ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है. इसे स्वीट रिवोल्यूशन यानी मीठी क्रांति का नाम दिया गया है. जिसका मुख्य उद्देश्य शहद उत्पादन के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है.
मधुमक्खी पालन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए आपको किसी उपजाऊ जमीन या बहुत बड़े स्पेस की जरूरत नहीं होती. आप अपने बाग-बगीचों या खेत की मेड़ पर बॉक्स रखकर इसे आसानी से शुरू कर सकते हैं. यह न केवल शहद देता है. बल्कि मधुमक्खियों की मदद से होने वाले परागण से आसपास की फसलों की क्वालिटी और पैदावार में भी जबरदस्त इजाफा होता है.
ऐसे शुरू करें मधुमक्खी पालन
राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन के तहत सरकार किसानों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए बंपर आर्थिक मदद दे रही है. इसके जरिए किसानों को ट्रेनिंग से लेकर मधुमक्खी की कॉलोनियों तक पर मदद मिलती है.
- यूनिट लगाने की कुल लागत पर 40 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है. जिसका फायदा छोटे किसान और महिलाएं उठा सकती हैं.
- कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए 5 से 7 दिनों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाती है ताकि किसान को तकनीक की पूरी समझ हो जाए.
सरकार केवल पैसा ही नहीं दे रही. बल्कि शहद की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट लगाने के लिए भी करोड़ों का फंड उपलब्ध करा रही है.
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शुरूआत में इतना आएगा खर्चा
अगर आप छोटे स्तर से शुरुआत करना चाहते हैं. तो 10 बॉक्स से काम शुरू किया जा सकता है. एक बॉक्स मक्खियों की कॉलोनी और स्टैंड मिलाकर करीब 3500 से 4000 रुपये तक का खर्चा आता है.
- 10 बॉक्स के लिए कुल निवेश करीब 40000 रुपये होता है, जिसमें सरकार की सब्सिडी मिलने के बाद किसान की जेब पर केवल 15 से 20 हजार का भार आता है.
- इस शुरुआती निवेश में शहद निकालने वाली मशीन और सुरक्षा किट जैसे जरूरी टूल्स भी शामिल हो जाते हैं.
एक बार निवेश करने के बाद ये बॉक्स कई सालों तक सेफ रहते हैं और आपकी कमाई का जरिया बने रहते हैं.
इतनी होगी कमाई
मुनाफे की बात करें तो मधुमक्खी पालन किसी जैकपॉट से कम नहीं है क्योंकि इसमें शहद के अलावा भी कई महंगे प्रोडक्ट्स मिलते हैं. एक बॉक्स से साल भर में औसतन 30 से 40 किलो शहद आराम से निकल आता है.
- अगर किसान 50 बॉक्स के साथ काम करता है, तो साल भर में तमाम खर्चे काटकर 4 से 6 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई की जा सकती है.
- शहद के अलावा मोम (बी-वैक्स) और रॉयल जेली जैसे महंगे प्रोडक्ट्स बेचकर एक्स्ट्रा मुनाफा कमाया जा सकता है.
कम जगह और कम मेहनत में यह बिजनेस आज के समय में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने का सबसे मीठा और आसान तरीका है.
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