Sugarcane Farming Technique: हमारे देश में किसान गन्ने को सफेद सोना भी कहते हैं. यह एक ऐसी फसल है जो एक बार लगाने पर किसान को लंबे समय तक मुनाफा देती है. गन्ने की खेती में कई तरह की तकनीक अपना कर भी कम लागत में ज्यादा पैदावार और बेहतर मुनाफा हासिल किया जा सकता है. वाइड रो स्पेसिंग यानी चौड़ी कतार विधि इन दिनों गन्ने की खेती में काफी चर्चा में है. क्योंकि यह पारंपरिक खेती के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि किसान किस तरह से गन्ने की बुवाई करेंगे तो लाखों की कमाई होगी.
इस तरह से करेंगे गन्ने की बुवाई तो होगी लाखों की कमाई
गन्ने एक पानी वाली फसल मानी जाती है, लेकिन अगर आप इसकी बुवाई वाइड रो स्पेसिंग यानी चौड़ी कतार विधि से करेंगे तो इससे कमाई अच्छी होगी. इस तकनीक में पानी की खपत काफी कम हो जाती है. जहां पारंपरिक तरीकों में एक एकड़ खेती में 18 से 20 लाख लीटर पानी लगता है. वहीं इस विधि से 9 से 10 लाख लीटर पानी में ही काम हो जाता है. इस तकनीक में सिंचाई का समय भी काम हो जाता है और एक एकड़ खेती में करीब 50 मिनट में पानी दिया जा सकता है.
वाइड रो स्पेसिंग में कैसे होती है बुवाई?
व्हाइट रोज स्पेसिंग तकनीक में गन्ने की खेती के बीच दूरी बढ़ाकर करीब 4 कर फिट कर दी जाती है. जबकि पारंपरिक तरीके में यह दूरी लगभग 2.5 फिट होती है. इससे पौधों को पर्याप्त जगह, हवा और धूप मिलती है, जिससे उनके ग्रोथ बेहतर होती है. कतारे कम होने के बावजूद ज्यादा पौधे मजबूत और हेल्दी विकसित होते हैं.
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बीज और लागत में भी होती है बचत
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बीज की जरूरत भी कम पड़ती है. जहां पहले एक एकड़ में करीब 35 क्विंटल बीज लगता था, वहीं अब 18 से 20 क्विंटल में ही बुवाई हो जाती है. इससे सीधे तौर पर लागत में कमी आती है और मुनाफा बढ़ता है. इसके अलावा इस विधि में खेतों के कई काम मशीनों की मदद से आसानी से किए जा सकते हैं. इससे मजदूरी पर होने वाला खर्च घटता है और खेती ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो पाती है. यही वजह है कि पारंपरिक खेती के मुकाबले इसमें प्रति एकड़ मुनाफा ज्यादा हो सकता है.
सरकार भी दे रही प्रोत्साहन
इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहन राशि दे रही है. पहले जहां यह राशि 3000 रुपये प्रति एकड़ थी, अब इसे बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है. कृषि विभाग का मानना है इस विधि से खेती करने से गुणवत्ता और रस की मात्रा भी बेहतर होती है. इसके अलावा वाइड रो स्पेसिंग तकनीक में गन्ने की खेती के बीच खाली जगह बचती है, जिसका इस्तेमाल इंटरक्रॉपिंग के लिए भी किया जा सकता है. इसमें दालें, सब्जियां या कम समय में तैयार होने वाली फैसले उगाकर 3 से 4 महीने में एक्स्ट्रा आमदनी भी कमाई जा सकती है.
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