Thursday, July 30, 2026
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FMGE 2026: पहली बार में पास नहीं हो पाते ज्यादातर विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स, NBEMS के आंकड़ों में खुलासा, Career Hindi News


नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की पिछली परफॉर्मेंस रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि अधिकांश विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को FMGE पास करने के लिए एक से अधिक प्रयास करने पड़ते हैं।

संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) जून 2026 को लेकर अहम जानकारी शेयर की है। सरकार के मुताबिक, इस सत्र में FMGE का कुल पास प्रतिशत केवल 12.78% रहा, जिससे साफ है कि यह परीक्षा विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सरकार ने यह भी बताया कि पहली बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। ऐसे उम्मीदवारों में 35% से अधिक ने परीक्षा पास की। वहीं, दोबारा या उससे अधिक बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की सफलता दर काफी कम रही। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 88% रिपीट कैंडिडेट्स परीक्षा पास नहीं कर सके, जिससे उनका कुल सफलता प्रतिशत बेहद कम रहा।

इसके अलावा, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की पिछली परफॉर्मेंस रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि अधिकांश विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को FMGE पास करने के लिए एक से अधिक प्रयास करने पड़ते हैं। रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी गई है कि किन देशों से पढ़ाई करने वाले छात्रों की सफलता दर बेहतर रही और किन देशों के सबसे अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफल हुए।

हालांकि, NBEMS ने जून 2026 FMGE सत्र की विस्तृत परफॉर्मेंस रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं की है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी, जैसे देशवार प्रदर्शन, प्रयासों की संख्या और अन्य आंकड़े, रिपोर्ट जारी होने के बाद ही सामने आएंगे।

दिसंबर 2025 FMGE: ज्यादातर उम्मीदवारों ने एक साल के भीतर पास की परीक्षा

टाइम्स नाउ न्यूज में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को इस आधार पर वर्गीकृत करता है कि उन्होंने विदेश से एमबीबीएस (प्राइमरी मेडिकल क्वालिफिकेशन) पूरी करने के बाद FMGE परीक्षा पास करने में कितना समय लिया।

दिसंबर 2025 FMGE के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक उम्मीदवारों ने डिग्री पूरी करने के छह महीने से एक साल के भीतर यह लाइसेंसिंग परीक्षा पास की। यानी विदेश से मेडिकल पढ़ाई पूरी करने के बाद अधिकांश सफल अभ्यर्थियों ने एक साल के अंदर ही FMGE में सफलता हासिल कर ली।

NBEMS के ये आंकड़े बताते हैं कि समय पर और नियमित तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के परीक्षा पास करने की संभावना अधिक रहती है। वहीं, पढ़ाई पूरी होने के बाद लंबे समय तक परीक्षा टालने वाले अभ्यर्थियों के लिए FMGE पास करना अपेक्षाकृत अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

दिसंबर 2025 FMGE: 8,543 सफल उम्मीदवार तीन प्रमुख श्रेणियों से रहे

NBEMS के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 FMGE सत्र में कुल 10,264 उम्मीदवार सफल हुए। इनमें से 8,543 अभ्यर्थी उन तीन प्रमुख श्रेणियों से थे, जिन्होंने विदेश से मेडिकल डिग्री पूरी करने के बाद छह महीने से डेढ़ साल (1.5 वर्ष) के भीतर FMGE परीक्षा पास कर ली। इससे संकेत मिलता है कि अधिकांश सफल उम्मीदवारों ने डिग्री पूरी होने के तुरंत बाद परीक्षा की तैयारी शुरू की और कम समय में सफलता हासिल की।

जून 2025 FMGE: एक साल बाद सफलता पाने वालों की संख्या रही सबसे अधिक

वहीं, जून 2025 FMGE सत्र का ट्रेंड दिसंबर सत्र से थोड़ा अलग रहा। इस परीक्षा में सबसे अधिक सफल उम्मीदवार डिग्री पूरी करने के एक साल से डेढ़ साल के भीतर FMGE पास करने वाले रहे। यानी जून 2025 सत्र में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की, जिन्होंने मेडिकल ग्रेजुएशन के बाद कुछ अतिरिक्त समय लेकर तैयारी की और फिर परीक्षा उत्तीर्ण की।

डेढ़ साल के भीतर पास होने वालों की संख्या सबसे ज्यादा

NBEMS के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 FMGE परीक्षा में सबसे अधिक सफल उम्मीदवार वे रहे, जिन्होंने विदेश से मेडिकल डिग्री पूरी करने के एक साल से डेढ़ साल के भीतर परीक्षा पास की। इस श्रेणी में 2,478 उम्मीदवार सफल हुए। इसके बाद 2 से 2.5 साल के भीतर परीक्षा पास करने वाले 1,012 और 6 महीने के भीतर FMGE पास करने वाले 921 उम्मीदवार रहे।

इन तीनों श्रेणियों के कुल 4,411 उम्मीदवार जून 2025 सत्र में सफल हुए, जबकि इस परीक्षा में कुल 6,709 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की।

हर सत्र में अलग रहा सफलता का ट्रेंड

NBEMS की रिपोर्ट के अनुसार, जून और दिसंबर 2025 FMGE सत्रों के परिणामों में अंतर देखने को मिला। दिसंबर 2025 में अधिकांश उम्मीदवारों ने मेडिकल डिग्री पूरी करने के एक साल के भीतर परीक्षा पास की, जबकि जून 2025 में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार सफल हुए, जिन्होंने एक से डेढ़ साल बाद FMGE क्लियर किया।

हालांकि, NBEMS ने इस अंतर के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। रिपोर्ट में केवल इतना संकेत दिया गया है कि यह अंतर मेडिकल ग्रेजुएशन के समय, परीक्षा में शामिल होने वाले रिपीट कैंडिडेट्स की संख्या और अलग-अलग परीक्षा सत्रों के कारण हो सकता है।

किन देशों के छात्रों का प्रदर्शन रहा बेहतर?

NBEMS की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अलग-अलग देशों से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला।

दिसंबर 2025 FMGE में सबसे अधिक सफल उम्मीदवार रूस (Russian Federation) से थे। यहां से 2,128 उम्मीदवार परीक्षा पास करने में सफल रहे। वहीं, जॉर्जिया का 32.36% के साथ सबसे अधिक पास प्रतिशत दर्ज किया गया। दूसरी ओर, सूची में शामिल देशों में चीन का पास प्रतिशत सबसे कम 14.26% रहा।

वहीं, जून 2025 FMGE सत्र में सबसे अधिक 1,043 सफल उम्मीदवार चीन से रहे। हालांकि, इस सत्र में भी जॉर्जिया ने 27.68% पास प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा।

जून 2026 की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार

NBEMS की 2025 की परफॉर्मेंस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि FMGE पास करने में लगने वाला समय और सफलता दर उम्मीदवारों की मेडिकल शिक्षा तथा परीक्षा की तैयारी पर निर्भर करती है। हालांकि, जून 2026 FMGE की विस्तृत सत्रवार परफॉर्मेंस रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है। रिपोर्ट आने के बाद देशवार प्रदर्शन, रिपीट कैंडिडेट्स और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।



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