इंद्रिया ने पेश किया फेस्टिव कलेक्शन ‘पद्मिका’, सोने की खूबसूरती और उत्सव के रंगों का नया अंदाज
मां लक्ष्मी से प्रेरित ‘पद्मिका’ भारतीय कारीगरी को आधुनिक फेस्टिव ज्वेलरी के अंदाज में पेश करता है और शुभता व समृद्धि के प्रतीकों को नए रूप में सामने लाता है

मुंबई, 06 अक्टूबर 2026: त्योहारों के मौसम में प्यार, साथ और खुशियों की भावना का जश्न मनाते हुए इंद्रिया, आदित्य बिरला ज्वेलरी ने अपना नया 22 कैरेट गोल्ड फेस्टिव कलेक्शन ‘पद्मिका’ पेश किया है। मां लक्ष्मी से प्रेरित यह कलेक्शन भारतीय परंपरा में शुभ माने जाने वाले प्रतीकों को आधुनिक आभूषण डिजाइन के साथ जोड़ता है। कलेक्शन के डिजाइन समृद्धि, आशीर्वाद और नई शुभ शुरुआत की भावना को दर्शाते हैं और इन्हें आज के डिजाइन नजरिए से फिर से गढ़ा गया है।
पद्मिका की खासियत पारंपरिक कारीगरी और रंगों का मेल है। इस कलेक्शन में धीरे-धीरे लुप्त हो रही पारंपरिक गुलाबी मीनाकारी कला को फिर से जीवित किया गया है। इसके साथ नीली मीनाकारी के रंगों का इस्तेमाल डिजाइन में दिलचस्प कंट्रास्ट पैदा करता है। मीनाकारी के इन चटख रंगों को मां लक्ष्मी और कमल जैसे शुभ प्रतीकों के साथ जोड़ा गया है। कमल का यहां विशेष महत्व है, क्योंकि पद्मिका का शाब्दिक अर्थ है ‘कमल से जन्म लेने वाली’। ये सभी तत्व मिलकर पूरे कलेक्शन को एक अनूठी विजुअल भाषा देते हैं। आधुनिक डिजाइनों में पारंपरिक तकनीकों को आज के पहनने वालों के हिसाब से ढाला गया है, जिससे आभूषण आकर्षक भी दिखते हैं और त्योहारों के पूरे मौसम में इन्हें आसानी से पहना भी जा सकता है।
कलेक्शन में चमकदार पीले सोने को भी खास जगह दी गई है, जो इस सीजन के प्रमुख ज्वेलरी ट्रेंड्स में शामिल है। नेकलेस, ईयररिंग्स, चूड़ियों और अन्य आभूषणों में पीले सोने की गर्माहट और भव्यता त्योहारों के पहनावे का हिस्सा बनती है, और इसके सदाबहार आकर्षण को आधुनिक बनावट के साथ संतुलित किया गया है। नतीजा ऐसा कलेक्शन है, जो भारतीय परंपरा से जुड़ा होने के साथ आज की पीढ़ी की पसंद पर भी खरा उतरता है।
कलेक्शन लॉन्च पर इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा, “त्योहारों का मौसम ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए सबसे अहम समय में से एक बना हुआ है, और इसकी वजह है जश्न, उपहार और शुभ मौकों पर खरीदारी से लोगों का गहरा सांस्कृतिक लगाव। पद्मिका के जरिए हमारा प्रयास इन भावनाओं को ऐसे आभूषणों में उतारना था, जो अर्थपूर्ण हों, खुशी का एहसास कराएं और बरसों तक सहेजे जाएं। समृद्धि और शुभ शुरुआत जैसे विचार भारत की उत्सवी परंपराओं में रचे-बसे हैं और यह कलेक्शन इन्हीं भावनाओं को हमारा सम्मान है। पद्मिका भारत की समृद्ध आभूषण विरासत को सहेजने और उसका उत्सव मनाने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। धीरे-धीरे लुप्त हो रही गुलाबी मीनाकारी कला को आधुनिक नजरिए से फिर जीवित करना इसी दिशा में एक कदम है। यह कलेक्शन जिंदगी के अहम पलों का हिस्सा बनने और आने वाले वर्षों तक उनसे जुड़ी यादों को संजोने के लिए तैयार किया गया है।”
इंद्रिया के हेड ऑफ डिजाइन अभिषेक रस्तोगी ने कहा, “पद्मिका की शुरुआत शुभता के उस विचार से हुई, जो हमारे त्योहारों और परंपराओं में गहराई से जुड़ा है। समुद्र मंथन की कथा और उसमें सागर से कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी के प्रकट होने ने हमें समृद्धि और नई शुरुआत से जुड़ी एक प्रभावशाली डिजाइन भाषा दी। हमने इस कथा से जुड़े प्रतीकों को अर्थ से भरे संकेतों की तरह देखा और उन्हें ऐसे आधुनिक आभूषणों में ढाला, जो नई पीढ़ी के लिए भी उसी महत्व वाली धरोहर बन सकें। हमने बनारसी मीनाकारी के जरिए हल्के गुलाबी रंगों को भी शामिल किया है, जो पारंपरिक कारीगरी में ताजगी का एहसास जोड़ते हैं। इस तरह तैयार आभूषण भारतीय परंपरा से जुड़े होने के साथ-साथ आज के फेस्टिव पहनावे के लिए सहज और बहुउपयोगी भी हैं।”
पारंपरिक प्रतीक, आधुनिक डिजाइन
पद्मिका की प्रेरणा समुद्र मंथन की उस कथा से मिलती है, जिसमें मां लक्ष्मी के प्रकट होने को समृद्धि, वैभव, सौंदर्य और शुभ शुरुआत से जोड़ा जाता है। इसी भावना से प्रेरित होकर कलेक्शन में कमल और मां लक्ष्मी के साथ गज, शंख, श्रीफल, कलश और कसु सिक्के जैसे पारंपरिक प्रतीकों को आधुनिक आकार और अनुपात में पेश किया गया है।
पीले सोने में तैयार इन डिजाइनों में कहीं उभरे हुए स्कल्प्चरल फॉर्म नजर आते हैं, तो कहीं महीन डिटेलिंग। गुलाबी बनारसी मीनाकारी कमल की पंखुड़ियों और सजावटी डिजाइनों में हल्के गुलाबी रंगों के जरिए एक कोमल और समकालीन रंगत जोड़ती है। चमकदार सोने के साथ यह मीनाकारी आभूषणों में रंग और ताजगी लाने के साथ पारंपरिक कारीगरी की पहचान को भी उभारती है।
कारीगरी है पद्मिका की जान
पद्मिका की खासियत इसकी बारीक कारीगरी में है, जहां हर डिजाइन में शुभ प्रतीकों और पारंपरिक रूपांकनों को सोच-समझकर शामिल किया गया है। आभूषणों की हर बारीकी के पीछे एक अर्थ और भाव जुड़ा है। इस कलेक्शन में भारतीय आभूषण कारीगरी की समृद्ध विरासत की झलक मिलती है। इसमें बनारसी मीनाकारी की रंगीन बारीकियों से लेकर नक्काशी की महीन कला, कुंदन जड़ाई की सटीकता और वेणी तार व हंसली की खास कारीगरी तक, सब कुछ शामिल है। रवा और चंद्रक जैसे टेक्सचर्ड तत्व डिजाइनों को और गहराई व अलग चरित्र देते हैं। वहीं, पारंपरिक तकनीकों की आधुनिक व्याख्या कलेक्शन को समकालीन रूप देती है। पूरी तरह सोने से तैयार ‘पद्मिका’ में गुलाबी रंग के हल्के शेड्स का इस्तेमाल किया गया है। यह कलेक्शन विरासती कारीगरी और आधुनिक खूबसूरती के बीच संतुलन साधता है।
कारीगरी, रंगों और डिजाइन का यह तालमेल ‘पद्मिका’ को बारीकियों से भरपूर बनाता है, वहीं इसके आभूषण इतने सहज हैं कि उन्हें त्योहारों के अलग-अलग मौकों पर आसानी से पहना और स्टाइल किया जा सकता है।


