अपनी दिल छू लेने वाली ग़ज़लों के लिए पहचाने वाले मशहूर पाकिस्तानी शायर इब्न-ए-इंशा को उनकी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ कवियों, लेखकों और शायरों में शुमार किया जाता है. इब्ने की सबसे प्रसिद्ध ग़ज़ल “इंशा जी उठो अब कूच करो…” एक प्रभावशाली क्लासिक ग़ज़ल है, जिसका आज तक कोई तोड़ नहीं मिला. हास्य की भावना को प्रदर्शित करने के लिए इब्ने ने कई यात्रा वृतांत भी लिखे. उनके काम को उर्दू लेखकों और आलोचकों दोनों के द्वारा सराहा गया. गौरतलब है, कि उन्होंने चीनी कविताओं के एक संग्रह का उर्दू में अनुवाद भी किया. प्रस्तुत हैं इब्न-ए-इंशा के चुनिंदा शेर, जिन्हें पढ़ते ही दिल से सिर्फ ‘वाह!’ निकले…
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