Cocoa Farming: बच्चों से लेकर बड़ों तक चॉकलेट हर किसी की पसंद होती है. यही वजह है कि बाजारों में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, जिस चॉकलेट को आप इतनी पसंद से खा रहे हैं, उसको उगाने की प्रक्रिया कैसे होती होगी? और जिसकी बाजार में इतनी मांग है, उसकी खेती करने वाले किसान को कितना मुनाफा होता होगा. आइए आपको बताते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.
बता दें कि चॉकलेट असल में कोको या कैकाओ नाम के पेड़ से बनती है, जिसे हिंदी में कोको का पेड़ कहा जाता है. इस पेड़ पर फल यानी फलियां लगती हैं, जिसके अंदर बीज होते हैं. इन्हीं बीजों को सुखाकर और फर्मेंट करके कोको बीन्स बनाई जाती हैं, जिनसे बाद में चॉकलेट, कोको पाउडर और कोको बटर तैयार होता है. आज के समय की बात करें, तो भारत में कोको की सबसे ज्यादा खेती केरल में होती है, इसके बाद कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है.
किस तरह की जमीन और मौसम चाहिए?
कोको का पेड़ गर्म और नमी वाले मौसम में अच्छी तरह उगता है. इसके लिए तापमान करीब 21 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच सबसे उपयुक्त माना जाता है, हालांकि यह पेड़ 15 से 35 डिग्री तक के तापमान में भी जीवित रह सकता है. ध्यान रखें कि इन पौधों को तेज धूप में नहीं रखना चाहिए, इसलिए किसान इसे नारियल या केले के पेड़ों के बीच में लगाते हैं, ताकि इन बड़े पेड़ों की छांव मिलती रहे.
यह भी पढ़ेंः Medicinal Plants for Balcony : सावन में इन 5 जादुई पौधों से सजाएं अपनी बालकनी, आसपास भी नहीं आएंगी बीमारियां
क्या हैं पैदावार और कमाई का हिसाब?
एक कोको के पेड़ से सालाना करीब 50 से 70 फलियां मिलती हैं. जिसका मतलब है कि करीब 10 से 12 फलियों से लगभग 1 किलो गीले बीज निकलते हैं, जो सूखने के बाद घटकर करीब 330 ग्राम रह जाते हैं. आमतौर पर एक हेक्टेयर जमीन में 200 से 500 पेड़ लगाए जा सकते हैं.
अगर फायदे की बात करें, तो एक बार लगाया गया पेड़ करीब 20 से 25 साल तक फल देता रहता है. यानी सही तरीके से खेती करने पर एक एकड़ जमीन से सालाना करीब 1 से 1.6 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है. वहीं अगर इसे नारियल के साथ मिली-जुली खेती के रूप में उगाया जाए, तो अतिरिक्त 30 हजार रुपये तक की कमाई भी हो जाती है.
यह भी पढ़ेंः क्या सच में मशरूम की खेती से रातों-रात अमीर बन रहे हैं किसान? जान लें हकीकत


