Tuesday, July 7, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारFarming vs Job: खेती छोड़ नौकरी या नौकरी छोड़ खेती, जानिए किसमें...

Farming vs Job: खेती छोड़ नौकरी या नौकरी छोड़ खेती, जानिए किसमें है ज्यादा फायदा?


Farming vs Job: गांव में रहने वाले युवाओं के मन में बस एक ही सवाल आता है कि वे गांव में रहकर खेती करें या फिर शहर में जाकर नौकरी करें. पहले के समय में  कई लोग यही मानते हैं की खेती मजबूरी का रास्ता है अगर तरक्की करना है तो शहर जाओ.  लेकिन अब स्थिति बदल रही है. बहुत से पढ़े-लिखे लोग शहर की नौकरी छोड़कर गांव लौट रहे हैं और खेती को अपना रहे हैं. वहीं कई लोग इसे आज भी मजबूरी समझ कर अपने बच्चों को खेती से दूर रखकर शहर नौकरी करने के लिए भेज रहे हैं. आकड़ों के मुताबिक भारत में आज भी लगभग 45 प्रतिशत आबादी सीधे रूप से खेती पर निर्भर है, फिर भी यह सवाल बना हुआ है कि असली फायदा किसमें है?

नौकरी के फायदे और नुकसान

इस बात को साबित करना बहुत मुश्किल है कि आखिर गांव में खेती करने से ज्यादा फायदा मिलता है या फिर शहर में  नौकरी करने से. बता दें कि आज तक कोई इस बात को साबित नहीं कर पाया है, दोनों वर्ग में फायदे और नुकसान देखने को मिलते है.  अगर बात करें नौकरी में सबसे बड़ा फायदा कि तो वे है हर महीने एक तय आमदनी मिलना. चाहे बाजार में कुछ भी हो, सैलरी समय पर आती है. इसके अलावा सरकारी नौकरी में पेंशन, मेडिकल सुविधा और छुट्टियां जैसे फायदे भी मिलते हैं. नौकरी करने वाले को मौसम की मार, बारिश कम होना या फसल खराब होने की चिंता नहीं करनी पड़ती. 

लेकिन इसके जितने फायदे हैं उतने ही नौकरी के नुकसान भी हैं.   शहर में रहने का खर्चा ज्यादा होता है, मकान का किराया, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा का खर्च जो महीने में मिलने वाली सैलरी का बड़ा हिस्सा खा जाता है.  साथ ही नौकरी में तरक्की की सीमा होती है और नौकरी छूटने का डर हमेशा बना रहता है. 

यह भी पढ़ेंः मल्चिंग पॉलीहाउस तकनीक से फसलों को दें थ्री-लेयर सुरक्षा, कम पानी में होगी छप्परफाड़ पैदावार

खेती के फायदे और नुकसान

नौकरी के अलावा अगर खेती बारी के फायदे नुकसान की बात करें तो,  खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आप अपने मालिक खुद होते हैं. किसी बॉस के अंदर आपको काम नहीं करना पड़ता है, आपको अपने हिसाब से काम करने की आजादी रहती है.  इतना ही नहीं आजकल खेती में भी नई तकनीक भी आ रहीं है जिससे किसान पारंपरिक खेती करने के बजाय समार्ट खेती कर रहा है, जैसे ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं जिसकी मदद से किसान को अच्छी कमाई मिल रही है. 

साथ ही बहुत से किसान सब्जी, फल या मसाले जैसी नकदी फसलें उगाकर नौकरी से ज्यादा कमा रहे हैं. इसके अलावा खेती में रहने का खर्चा भी कम होता है क्योंकि खाने-पीने की चीजें घर पर ही मिल जाती हैं. लेकिन खेती में भी जितने फायदे हैं उतना ही खेती जोखिम भरा भी है. जैसे बारिश कम या ज्यादा होने से फसल खराब हो सकती है, साथ ही बाजार में सही दाम न मिलने की समस्या रहती है और शुरुआत में पैसा लगाना पड़ता है जिसका फल तुरंत नहीं मिलता. मौसम की मार और कर्ज का बोझ भी किसानों की बड़ी चिंता है. 

किसमें है ज्यादा फायदा, कैसे लें सही फैसला?

कुल मिलाकर सच यह है कि खेती या नौकरी में से कौन बेहतर है, इसका कोई एक जवाब नहीं है.  यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास कितनी जमीन है, आपके पास पूंजी कितनी है और आप कितना जोखिम उठा सकते हैं.  

यह भी पढ़ेंः  मोटा मुनाफा कमाना है तो जुलाई में लगाएं खीरा, ये 3 जादुई किस्में करेंगी पैसों की बारिश



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments