Animal Medicine Scheme: देश में करोड़ों किसान अपनी आय के लिए पशुपालन और डेयरी व्यवसाय पर निर्भर करते हैं. लेकिन बदलते मौसम के साथ पशुओं में बीमारियों के चलते इलाज का खर्च बढ़ जाता है. वहीं बाजार में मिलने वाली पशु दवाएं अक्सर इतनी महंगी होती है कि छोटे पशुपालक पशुओं का सही से इलाज नहीं करा पाते हैं. कई बार डॉक्टर की ओर से लिखी गई सभी दवाएं खरीदना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता है, जिनका सीधा असर पशुओं की सेहत और किसानों की आमदनी पर पड़ता है.
इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की है, जिसके चलते देशभर में पशुओं की दवाओं पर भारी छूट दी जाती है, जिससे किसानों का मवेशियों के इलाज का खर्च काफी कम हो जाता है.
पशु औषधि केंद्र से खरीद सकते हैं दवाएं
केंद्र सरकार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए पशु औषधि केंद्र खोले हैं. यह योजना प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के तर्ज पर तैयार की गई है. जिस तरह जन औषधि केंद्रों पर लोगों को कम कीमत में जेनेरिक दवाइयां मिलती है, इस तरह पशु औषधि केंद्र पर भी मवेशियों के लिए नॉन ब्रांडेड, लेकिन गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा यहां पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित एथनो वेटरनरी दवाएं भी मिलेगी. जिनका उपयोग कई सामान्य पशु रोगों के इलाज में किया जाएगा.
बाजार से 50 से 70 फीसदी सस्ती मिलती है दवाएं
सरकार का दावा है कि पशु औषधि केंद्र पर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी दवाएं, टीके, विटामिन, मिनरल और दूसरी पशु चिकित्सा सामग्री बाजार कीमत से 50 से 70 प्रतिशत कम दाम पर उपलब्ध कराई जाती हैं. इससे पशुपालकों के इलाज पर होने वाला खर्च घट जाता है. ऐसे में कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिलने से समय पर उपचार हो जाता है और पशुओं की मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलती है.
सरकारी पशु चिकित्सालय से भी ले सकते हैं दवाएं
देशभर के लगभग हर जिले और ब्लॉक स्तर पर सरकार की ओर से सरकारी पशु चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं. यहां पशुओं का उपचार कम लागत है या कई मामलों में फ्री में किया जाता है. ऐसे में पशुपालक कई जरूरी दवाएं और टीकाकरण भी बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के उपलब्ध कराए जाते हैं.
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मोबाइल वेटरिनरी यूनिट
कई राज्यों में सरकार मोबाइल पशु चिकित्सा वैन चला रही है, जिसमें एक कॉल पर डॉक्टर गांव तक पहुंचकर पशु का इलाज करते हैं. कई जगह दवाएं भी साथ लेकर पहुंचाई जाती है, जिससे दवाएं अलग से बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है.
पशु शिविर
कई राज्यों में सरकारे समय-समय पर गांवों में पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती है. इन शिविरों में मुफ्त जांच, टीकाकरण, कृमिनाशक दवाएं और कई आवश्यक दवाएं भी वितरित की जाती है.


