इटली में आयोजित 19वीं IESO 2026 में भारतीय छात्रों ने 4 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत 9 मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सभी विजेताओं को सम्मानित किया।
दुनिया भर के प्रतिभावान छात्रों के बीच भारत के होनहार छात्रों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। 20 से 27 अगस्त 2026 तक इटली के ट्यूरिन शहर में आयोजित 19वीं इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड (IESO) 2026 में भारतीय टीम ने कुल 9 पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के 39 देशों के छात्रों ने हिस्सा लिया था।
मेडल का शानदार खाता
भारतीय दल ने अलग-अलग श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कुल 4 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज पदक अपने नाम किए। छात्रों ने लिखित और प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाओं के साथ-साथ इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
इन सितारों ने बढ़ाया देश का मान
सौमिक मंडल: दुर्गापुर के DAV मॉडल स्कूल के सौमिक ने भारत की ओर से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीता और 39 देशों के सभी प्रतिभागियों में तीसरा स्थान हासिल किया।
एरॉन मैती: IIT-KGP, खड़गपुर के DAV मॉडल स्कूल के छात्र एरॉन मैती ने 1 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता। रिद्धि रंजन: पटना के ज्ञान अस्थली इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा रिद्धि रंजन ने 1 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
मो. एहतशाम रिजवी: जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के छात्र मो. एहतशाम रिजवी ने 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
17,800 छात्रों से इंटरनेशनल स्टेज तक का सफर
यह सफलता जितनी बड़ी है, इसके पीछे का सफर भी उतना ही चुनौतीपूर्ण रहा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की पहल के तहत देश भर में आयोजित नेशनल लेवल की ओलंपियाड परीक्षा में लगभग 17,800 छात्रों ने भाग लिया था। इनमें से सबसे बेहतरीन 25 होनहार छात्रों को चुना गया। फिर जून 2026 में गुजरात की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी में आयोजित 3 सप्ताह के कड़े और खास ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए छात्रों को तैयार किया गया। इसी ट्रेनिंग की बदौलत केवल 4 छात्रों की टीम ने इटली जाकर 9 मेडल जीत लिए।
केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित
नई दिल्ली के पृथ्वी भवन में आयोजित एक खास समारोह में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी विजेता छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूलों को बधाई दी तथा उन्हें सम्मानित किया। मंत्री जी ने कहा कि यह ऐतिहासिक कामयाबी भारत में साइंस एजुकेशन और युवा छात्रों के टैलेंट की बढ़ती ताकत का साफ सबूत है। सरकार लगातार युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए काम कर रही है। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में जुलाई में कोलंबिया में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भी भारत के सभी 5 सदस्यों ने गोल्ड मेडल जीते थे। यह साबित करता है कि भारतीय छात्र आज पूरी दुनिया में साइंस और मैथ्स में अपनी धाक जमा रहे हैं।


