Monsoon Cash Crops: पारंपरिक खेती जैसे धान, मक्का में लागत और मेहनत दोनों काफी ज्यादा लगती हैं. इसलिए आजकल किसान ऐसी फसलों कि तलाश कर रहे हैं, जिनमें मेहनत भी कम करनी पड़े और कमाई भी अच्छी हो जाए. ऐसे में किसानों के लिए औषधीय पौधो की खेती करना कमाई का एक अच्छा विकल्प बनता जा रहा हैं. आयुर्वेद और हर्बल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के कारण बाजार में औषधीय पत्तियों की कीमत बहुत ज्यादा होती है. मानसून का मौसम इन पौधों को लगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. क्योंकि इस समय हवा में नमी होती है और पौधों को बढ़ने के लिए जरूरी पानी प्राकृतिक रूप से मिल जाता है.
एलोवेरा की खेती
एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसकी मांग ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर दवाइयों और जूस बनाने वाली कंपनियों में सालभर बनी रहती है. साथ ही इसकी खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बहुत ज्यादा पानी या उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं होती. इसे जलभराव वाली जमीन को छोड़कर किसी भी मिट्टी में उगाया जा सकता है. एक बार यह पौधा लगाने के बाद 3 से 5 साल तक फसल देता है. ऐसे में एक एकड़ में एलोवेरा लगाकर किसान भाई आराम से सालाना 1.5 से 2 लाख रुपये तक कमा सकते हैं.
तुलसी की खेती
तुलसी का सर्दी-खांसी की दवाइयों से लेकर हर्बल टी और इम्यूनिटी बूस्टर सीरप में भारी इस्तेमाल होता है. इसे मानसून के शुरुआत में तुलसी की नर्सरी तैयार करके पौधों को खेतों में लगाया जाता है. इसे बढ़ने में केवल 3 से 4 महीने का समय लगता है. साथ ही इसमें कीड़े लगने का खतरा भी बहुत कम होता है. कई बार डाबर, पतंजलि जैसी बड़ी कंपनियां सीधे किसानों से तुलसी के पत्ते और बीज खरीद लेती हैं. जिससे किसानों को प्रति एकड़ 50,000 से 80,000 रुपये तक का मुनाफा आसानी से हो जाता है.
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लेमनग्रास की खेती
लेमनग्रास के पत्तों से निकलने वाले तेल की मांग कॉस्मेटिक्स, साबुन और हर्बल चाय में बहुत ज्यादा होती है. लेमनग्रास की खेती की खासियत यह है कि इसे जंगली जानवर और गाय-भैंस नहीं खाते, इसलिए फसल की बर्बादी का डर भी नहीं रहता. साथ ही इसके तेल को बाजार में बेचकर किसान सालाना प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं.
स्टीविया या मीठी तुलसी की खेती
स्टीविया की पत्तियां चीनी से 200 गुना ज्यादा मीठी होती हैं, लेकिन इनमें कैलोरी बिल्कुल नहीं होती. इसलिए इसकी पत्तियों को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है, जिसे कंपनियां नेचुरल स्वीटनर के रूप में खरीदती हैं. ऐसे में किसान भाई एक एकड़ में स्टीविया की खेती से साल में दो से तीन बार पत्तियां तोड़कर 2 से 3 लाख रुपये तक का मोटा मुनाफा कमा सकते हैं.
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