संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने भर्ती, परीक्षा और आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। इनमें सबसे अहम कदम सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर आवेदन की जांच करना है
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने भर्ती, परीक्षा और आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। इनमें सबसे अहम कदम सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर आवेदन की जांच करना है। AI की मदद से आयोग ने परीक्षा से पहले ही 569 डुप्लीकेट और अपात्र आवेदनों को खारिज कर दिया। इसके अलावा UPSC ने दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा भी दी है, जिससे उन्हें परीक्षा देने में आसानी होगी।
AI ने कैसे पकड़े डुप्लीकेट आवेदन?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल सिविल सेवा परीक्षा 2026 के करीब 94% अभ्यर्थियों ने आवेदन के दौरान आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुना। इससे उम्मीदवारों की पहचान का सत्यापन तेजी से हुआ और एक ही व्यक्ति द्वारा कई बार आवेदन करने की संभावना काफी कम हो गई।
जिन अभ्यर्थियों ने आधार ऑथेंटिकेशन नहीं कराया, उनके आवेदनों की जांच के लिए UPSC ने पहली बार AI का इस्तेमाल किया। AI ने उम्मीदवारों के नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि और फोटो का आयोग के रिकॉर्ड से मिलान कर डुप्लीकेट और अपात्र आवेदनों की पहचान की।
किन कारणों से 569 आवेदन हुए खारिज?
AI जांच के दौरान जिन 569 आवेदनों को निरस्त किया गया, उनमें ऐसे उम्मीदवार शामिल थे जिन्होंने एक से अधिक आवेदन किए थे, निर्धारित अधिकतम प्रयास (Attempts) पूरे कर लिए थे या निर्धारित आयु सीमा से अधिक हो चुके थे। पहले इस तरह की पात्रता जांच प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू के समय की जाती थी। अब यह प्रक्रिया आवेदन के शुरुआती चरण में ही पूरी हो रही है, जिससे समय की बचत होगी और भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
UPSC ने किए कई और बड़े बदलाव
आयोग के अनुसार, वर्ष 2014 से अब तक UPSC विभिन्न सरकारी सेवाओं में 78,394 उम्मीदवारों की भर्ती करा चुका है। इस दौरान परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधार लागू किए गए हैं। आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि चयन के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, ताकि सरकारी विभागों के साथ बेहतर समन्वय हो और उम्मीदवारों की नियुक्ति में अनावश्यक देरी न हो।
OTR पोर्टल से आसान होगी आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए UPSC ने वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पोर्टल शुरू किया है, जिसे आधार और डिजिलॉकर से जोड़ा गया है। इसके जरिए उम्मीदवारों को केवल एक बार पंजीकरण करना होगा। इसके बाद वे अलग-अलग UPSC परीक्षाओं के लिए आवेदन करते समय अपने सत्यापित दस्तावेजों का दोबारा उपयोग कर सकेंगे। इससे बार-बार जानकारी भरने और कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


