आनंदमंत्रा: हर आवाज़ मायने रखती है
हर महिला को शक्ति, सम्मान और भावनात्मक स्वास्थ्य का उपहार
लखनऊ, रविवार, 11 अक्टूबर 2026: महिलाओं और बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों, उन चिंताओं जिन्हें वे अक्सर अपने मन में ही दबाकर रखती हैं, तथा तेज़ रफ़्तार जीवन की बढ़ती मांगों के कारण उत्पन्न हो रहे मानसिक तनाव के बढ़ते स्तर पर चर्चा करने के उद्देश्य से आज एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित ‘द ला गार्डेनिया कैफ़े’ में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ विशेषज्ञों डॉ. संगीता शर्मा और डॉ. रश्मि सोनी ने उपस्थित लोगों के साथ खुलकर और सार्थक संवाद किया तथा उनके वर्तमान मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में ‘आनंदमंत्रा’ के संस्थापक सदस्य आनंद कृष्ण ने अतिथियों का परिचय कराया और इस पहल के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के महत्व और नवरात्रि में मनाई जाने वाली नारी शक्ति की दिव्य भावना से प्रेरित होकर, 11 अक्टूबर को महिलाओं एवं बालिकाओं के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति समर्पित एक विशेष पहल के रूप में ‘आनंदमंत्रा’ को समाज के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पहल से जुड़ने के लिए ऑनलाइन पोर्टल www.anandmantraa.com उपलब्ध है।

इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. रश्मि सोनी ने कहा, “आज के दौर में पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने के कारण उत्पन्न होने वाला मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस तनाव को समय रहते पहचानना और अपनी चिंताओं को मन में दबाकर रखने के बजाय किसी के साथ साझा करना बेहद आवश्यक है।”
परिचर्चा का मुख्य विषय यह था कि महिलाएं अपनी अनकही चिंताओं, भावनात्मक पीड़ा और तनाव को किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ किस प्रकार साझा कर सकती हैं, ताकि उन्हें मानसिक राहत मिल सके और उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो। इस उद्देश्य की पूर्ति में ‘आनंदमंत्रा’ की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. संगीता शर्मा ने कहा, “जब महिलाएं अपने तनाव और भावनात्मक परेशानियों को व्यक्त नहीं कर पातीं, तो इसका उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। समय रहते उचित परामर्श और भावनात्मक सहयोग मिलने से महिलाएं तनाव पर काबू पाने में सक्षम हो सकती हैं और नई ऊर्जा तथा आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकती हैं।”
‘आनंदमंत्रा’ के निदेशक (प्रशासन एवं तकनीकी) राजीव व्यास ने आज के तनावपूर्ण वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महिलाएं संस्था की वेबसाइट www.anandmantraa.com के माध्यम से सुविधाजनक तरीके से अपने सत्र की बुकिंग कर सकती हैं और बिना किसी झिझक के अपनी चिंताओं एवं समस्याओं को साझा कर सकती हैं।
उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि ‘आनंदमंत्रा’ की सेवाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं की निजता और उनके द्वारा साझा की गई जानकारियों की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में नेटवर्क पार्टनर्स के सहयोग से इन सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य मानसिक तनाव और दबाव का सामना कर रही अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचना तथा यह सुनिश्चित करना है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सहयोग का लाभ मिल सके।
एक महिला की शक्ति केवल इस बात में नहीं है कि वह कितना कुछ सहन कर सकती है, बल्कि इस बात में भी है कि वह कितनी स्वतंत्रता से अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकती है, कितने आत्मविश्वास के साथ अपनी भावनाओं को स्वीकार कर सकती है और आवश्यकता पड़ने पर कितनी सहजता से सहयोग मांग सकती है। वास्तविक सशक्तीकरण की शुरुआत स्वस्थ मन, भावनात्मक खुशहाली और बिना किसी आलोचना या निर्णय के भय के अपनी बात कह पाने की स्वतंत्रता से होती है।
आनंदमंत्रा केवल एक सेवा नहीं, बल्कि हर महिला और बालिका के प्रति एक संवेदनशील प्रतिबद्धता है—एक ऐसा मंच, जहां उनकी आवाज़ मायने रखती है, उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाता है और उनकी बातों एवं अनुभवों को सहानुभूति तथा समझदारी के साथ सुना जाता है। क्योंकि स्वस्थ मन केवल नारी शक्ति का आभूषण नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास, सम्मान और सशक्तीकरण की बुनियाद है।
‘आनंदमंत्रा’ के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को खुलकर अपनी बात कहने, बिना किसी झिझक के अपनी चिंताओं को साझा करने तथा वास्तव में सुने जाने से मिलने वाले सुकून और भावनात्मक राहत का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
आनंदमंत्रा — हर आवाज़ मायने रखती है। हम सुनते हैं, आप सुकून पाते हैं।


