Kisan Credit Card: खेती-किसानी में सबसे बड़ी चुनौती समय पर पैसों का इंतजाम करना होता है. खाद, बीज और डीजल के लिए अक्सर किसानों को साहूकारों के चक्कर काटने पड़ते थे. जहां ब्याज की दरें कमर तोड़ देती थीं. लेकिन अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ने किसानों को राहत दी है. सरकार की इस पहल का मकसद किसानों को सीधे बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है.
अब किसानों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है. बहुत ही कम ब्याज पर मिलने वाला यह कर्ज न केवल खेती की लागत कम करता है. बल्कि किसान को आत्मनिर्भर भी बनाता है. यह योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक आजादी का एक मजबूत जरिया बन चुकी है. जानें कैसे ले सकते हैं इसका फायदा.
ऐसे मिलता है किसान क्रेडिट कार्ड
किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए मिलने वाला लोन बाजार के मुकाबले काफी सस्ता होता है. आमतौर पर इस पर ब्याज दर बहुत कम रखी गई है और अगर किसान समय पर अपना कर्ज चुका देता है. तो उसे ब्याज में एक्सट्रा छूट भी मिलती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि 1.60 लाख रुपये तक के लोन के लिए किसान को अपनी जमीन गिरवी रखने या किसी गारंटी की जरूरत नहीं पड़ती.
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आप सीधे बैंक जाकर या ऑनलाइन अपने बैंक के पोर्टल के जरिए डिजिटल तरीके से अप्लाई कर सकते हैं. बस अपने आधार, पैन और खतौनी जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म सबमिट कर दें. एक बार एप्लीकेशन प्रोसेस होने के बाद लगभग 30 दिनों के अंदर आपका कार्ड रेडी हो जाता है.
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खेती और पशुपालन के लिए सहारा
अक्सर लोग समझते हैं कि किसान क्रेडिट कार्ड सिर्फ फसल उगाने के लिए है. लेकिन अब इसका दायरा काफी बढ़ गया है. अब पशुपालन और मछली पालन करने वाले लोग भी इस योजना का भरपूर लाभ उठा सकते हैं. गाय-भैंस खरीदने उनके चारे का प्रबंध करने या तालाब के रखरखाव के लिए भी बैंक से सस्ती दरों पर पैसा लिया जा सकता है.
यह बदलाव उन छोटे किसानों के लिए बहुत राहत भरा है जो खेती के साथ-साथ डेयरी का काम भी करते हैं. इस कार्ड की मदद से किसान अपनी आय के स्रोतों को बढ़ा सकते हैं और मुश्किल समय में बैंक से मिली इस आर्थिक मदद का इस्तेमाल करके अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं.
KCC से जुड़ी काम की बातें
- इस योजना के तहत किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन बहुत ही कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाता है.
- अगर किसान समय पर लोन की किश्तें भरता है. तो उसे ब्याज में 3 प्रतिशत तक की विशेष राहत सरकार की तरफ से दी जाती है.
- किसान क्रेडिट कार्ड के साथ ही किसानों को दुर्घटना बीमा की सुविधा भी मिलती है. जो किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देती है.
- इस कार्ड की वैलेडिटी 5 साल की होती है. जिसे किसान अपनी जरूरत और बैंक के नियमों के हिसाब से रिन्यू करा सकते हैं.
- लोन की राशि का उपयोग किसान न केवल खेती के सामान खरीदने के लिए बल्कि कटाई के बाद के घरेलू खर्चों के लिए भी कर सकता है.
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