Thursday, April 30, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारHighway Land Compensation: आपके खेत के पास से निकले हाईवे तो कितना...

Highway Land Compensation: आपके खेत के पास से निकले हाईवे तो कितना पैसा देती है सरकार? इन लोगों की होती है सबसे ज्यादा मौज


Highway land compensation: आज का भारत काफी तेजी से बदल रहा है. सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड डेवलपमेंट में भारी निवेश कर रही है. आंकड़ों की मानें तो हाईवे निर्माण 34 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जो 2014 में 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन था. ऐसे में जमीन अधिग्रहण इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन जाता है, जिससे जमीन मालिकों को सीधा फायदा मिलता है.

हाईवे के लिए जमीन जाने पर कितना मिलता है मुआवजा?

यदि आपके खेत या जमीन से कोई नया हाईवे निकलता है, तो सरकार “भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013” (RFCTLARR Act) के तहत मुआवजा देती है. मुआवजे की राशि सीधे जमीन के मार्केट वैल्यू पर निर्भर करती है. 2026 के नियमों के अनुसार, यह राशि लगभग 2 से 4 गुना तक हो सकती है.

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुआवजे का अंतर

अगर जमीन गांव या ग्रामीण इलाके में है, तो सर्किल रेट का 4 गुना तक मुआवजा मिल सकता है. वहीं शहर या नगर पालिका के पास जमीन होने पर सर्किल रेट का 2 गुना मुआवजा मिलता है. इसके अलावा, खेत में बने मकान, ट्यूबवेल, पेड़-पौधे और खड़ी फसल का अलग से भुगतान किया जाता है. मान लीजिए सर्किल रेट 10 लाख रुपये प्रति एकड़ है. ऐसे में ग्रामीण इलाके में किसान को 40 लाख रुपये तक मुआवजा मिल सकता है.

किन लोगों को होता है सबसे ज्यादा फायदा?

  • जिनकी जमीन सीधे हाईवे के अंदर आती है, उन्हें पूरी जमीन का मुआवजा मिलता है, जो अक्सर 3 से 4 गुना तक होता है.
  • शहरी क्षेत्रों में जमीन का रेट पहले से ज्यादा होता है, इसलिए वहां मुआवजा भी ज्यादा मिलता है.
  • हाईवे के किनारे बची जमीन की कीमत भी 5 से 10 गुना तक बढ़ सकती है.
  • कमर्शियल पर्पस वाली जमीन के मालिकों को सबसे ज्यादा लाभ होता है, क्योंकि उस जमीन की कमाई की क्षमता ज्यादा होती है.

यह भी पढ़ें – शपथग्रहण समारोह का कौन उठाता है खर्च, क्या इसमें आम आदमी को भी मिलती है एंट्री?

सिर्फ पैसा ही नहीं, और क्या मिलता है?

LARR Act के तहत किसानों को सिर्फ कैश ही नहीं, इसके अलावा अन्य तरह के मुआवजे भी दिए जा सकते हैं.

  • पुनर्वास (Rehabilitation) पैकेज मिलने की भी उम्मीद रहती है.
  • किसी किसी केस में घर या प्लॉट का विकल्प भी दिया जाता है.
  • कुछ केस में ऐसा भी देखा गया है कि नौकरी या एकमुश्त भत्ता भी दिया जाता है.
  • कुछ योजनाओं में सालाना भत्ता देने की भी व्यवस्था करवाई जाती है.

यह भी पढ़ें – क्या भारत में चावल बन जाएगा लग्जरी फूड? वैज्ञानिकों की चेतावनी ने मचाई हलचल



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments