Kitchen Garden: आजकल लोग सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और इसी वजह से किचन गार्डन का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है. अगर आप भी अपने घर में ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो कम मेहनत में तैयार हो जाए और सेहत के लिए भी फायदेमंद हो तो आंवला आपके लिए अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. आंवला में विटामिन सी, आयरन और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं.
आंवला को आयुर्वेद में खास जगह दी गई है यह बालों और स्किन के लिए फायदेमंद माना जाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं में भी राहत देता है. ऐसे में अगर यह फल आपके घर में उगने लगे तो इसका फायदा और बढ़ जाता है, तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप किचन गार्डन में आंवले का पौधा कैसे उगा सकते हैं.
सही समय और जगह का रखें ध्यान
आंवले का पौधा लगाने के लिए जुलाई से सितंबर का समय सबसे बेहतर माना जाता है. इस दौरान मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे पौधा जल्दी जड़ पकड़ लेता है. इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए, जहां रोजाना अच्छी धूप आती हो, क्योंकि धूप इसकी ग्रोथ के लिए जरूरी होती है.
मिट्टी और गमले की तैयारी
आंवला लगभग हर तरह की मिट्टी में उग जाता है, लेकिन अच्छे रिजल्ट के लिए दोमट मिट्टी सही रहती है. अगर आप गमले में पौधा लगा रहे हैं, तो उसमें पानी निकलने की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए. मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाने से पौधे को जरूरी पोषण मिलता है और ग्रोथ भी तेज होती है.
पौधे लगाने के आसान तरीके
आंवले जल्दी पाने के लिए नर्सरी से तैयार पौधा लगाना अच्छा ऑप्शन होता है. 1 से 2 साल पुराना पौधा सीधे गमले या जमीन में लगाया जा सकता है. वहीं बीज से पौधा तैयार करने में बीज को पानी में भिगोकर मिट्टी में बोया जाता है. इसमें कुछ समय बाद अंकुर निकल आते हैं.
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ज्यादा पानी से बचें
आंवले के पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. गर्मियों में दो से तीन दिन के अंतराल पर पानी देना फायदेमंद है. जबकि बरसात में तभी पानी दें जब मिट्टी सुखी लगे. पौधे की जड़ों में पानी जमा होने से पौधे सड़ सकता है. इसलिए इस बात का खास ध्यान रखें.
धूप और देखभाल जरूरी
यह पौधा धूप में तेजी से बढ़ता है. इसलिए इसे खुली जगह पर रखना बेहतर होता है. समय-समय पर खाद देने से इसकी ग्रोथ अच्छी होती है और पौधा हेल्दी रहता है. अगर आपने ग्राफ्टेड पौधा लगाया है, तो दो से तीन साल में इसमें फल आ सकते हैं. वहीं बीज से उगाए गए पौधे में फल आने में ज्यादा समय लगता है.
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