World Bee Day: आज यानी 20 मई के दिन दुनिया भर में वर्ल्ड बी डे (World Bee Day) यानी विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया जा रहा है. यह दिन मधुमक्खियां के महत्व के बारे में लोगों को बताने और उनके संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है. लेकिन अब मधुमक्खी पालन से अच्छी कमाई भी हो रही है. अगर आप कम लागत में कोई धांसू बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो मधुमक्खी पालन यानी बी-कीपिंग आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है.
आजकल मार्केट में शुद्ध शहद और इससे बने बाय-प्रोडक्ट्स की डिमांड आसमान छू रही है, जिससे इस फील्ड में कमाई की अपार संभावनाएं बन चुकी हैं. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सरकार इस मुनाफे वाले बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन’ (NBHM) के तहत 80% तक की भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है. चलिए बताते हैं कैसे किसान भाई शुरू कर सकते हैं मधुमक्खी पालन का बिजनेस.
सरकार देती है 80% सब्सिडी
मधुमक्खी पालन बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार दिल खोलकर आर्थिक मदद कर रही है. नेशनल बीकीपिंग एंड हनी मिशन के तहत जनरल कैटेगरी के किसानों और उद्यमियों को सरकार की तरफ से 40 से 50 परसेंट तक की सब्सिडी आसानी से मिल जाती है. वहीं अगर आप महिला हैं या फिर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी विशेष कैटेगरी से आते हैं.
तो यह सरकारी सहायता 80 से 85 परसेंट तक पहुंच जाती है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप 1 लाख रुपये के बजट से अपनी यूनिट शुरू करना चाहते हैं तो आपको अपनी जेब से सिर्फ 20 हजार रुपये ही लगाने होंगे बाकी का पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी. इसके अलावा, कृषि विज्ञान केंद्र और खादी ग्रामोद्योग के जरिए इसके लिए मुफ्त ट्रेनिंग और आसान लोन की सुविधा भी मिलती है.
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बी-कीपिंग का आसान प्रोसेस
इस बिजनेस को शुरू करने का प्रोसेस बेहद सिंपल है. शुरुआत करने के लिए आपको लकड़ी के खास बॉक्स, मधुमक्खियों की कॉलोनी जैसे इटालियन नस्ल एपीस मेलीफेरा छत्ते की सफाई के उपकरण और सेफ्टी गियर की जरूरत होती है. इन बॉक्स को ऐसे खेतों या बगीचों के पास रखा जाता है जहां फूल, सरसों, या फलों के पेड़ ज्यादा हों ताकि मधुमक्खियां आसानी से पराग इकट्ठा कर सकें.
किसानों को होता है जबरदस्त मुनाफा
कमाई की बात करें तो एक बॉक्स से सालभर में लगभग 40 किलो तक शुद्ध शहद मिलता है. जो मार्केट में 300 रुपये से लेकर 600 रुपये प्रति किलो तक बिकता है. सिर्फ शहद ही नहीं बल्कि इसके छत्ते से निकलने वाला मोम (Beeswax), रॉयल जेली और प्रोपोलिस जैसे प्रोडक्ट्स कॉस्मेटिक और दवा कंपनियों में बेहद महंगे दामों पर बिकते हैं जिससे किसानों को हर सीजन में छप्परफाड़ मुनाफा होता है.
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