Thursday, May 21, 2026
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माज़ा® के 50 स्वर्णिम साल: आम के लिए भारत के प्यार को बोतल में संजोया

माज़ा® के 50 स्वर्णिम साल: आम के लिए भारत के प्यार को बोतल में संजोया

राष्ट्रीय, 21 मई 2026: कोका-कोला इंडिया ने भारत को आम का असली स्वाद देने वाले माज़ा® के 50 साल पूरे होने का जश्न मनाया। 1976 में अपनी शुरुआत के बाद से, माज़ा® शानदार स्वाद, बचपन की यादों और खास भारतीय पलों की अपनी मजबूत विरासत के दम पर, आम के प्रति भारतीयों के प्यार के साथ गहराई से जुड़ गया है।

पांच दशकों से माज़ा® गर्मियों की दोपहरों और पारिवारिक समारोहों से लेकर रोज़मर्रा के छोटे-छोटे जश्न तक, हर पीढ़ी के साथ एक जाना-पहचाना नाम बना हुआ है। समय के साथ यह ब्रांड सिर्फ एक पेय से कहीं आगे बढ़कर, घर में पैदा होने वाले आम के उस मजे का पर्याय बन चुका है जो आज भी सुकून देने वाला और यादगार महसूस होता है।

जैसे-जैसे माज़ा® इस उपलब्धि वर्ष का जश्न मना रहा है, यह उत्सव सिर्फ ब्रांड की यात्रा तक सीमित नहीं है। यह 50 साल की विरासत उस बड़े इकोसिस्टम को भी सम्मान देती है जिसने माज़ा® को वर्षों में आकार दिया है, भारतीय खेतों के फल से लेकर उन उपभोक्ताओं तक जिन्होंने ब्रांड को अपने जीवन का हिस्सा बनाया और हर घूंट के पीछे मौजूद उन अनगिनत हाथों तक।

कोका-कोला इंडिया और दक्षिण-पश्चिम एशिया में मार्केटिंग, न्यूट्रिशन की सीनियर डायरेक्टर, सुनैनिका सिंह ने कहा, “माज़ा® ने आधी सदी भारतीयों के जीवन, अलमारियों और यादों में अपनी जगह बनाने में बिताई है। यह गर्मियों की छुट्टियों और पारिवारिक समारोहों में, रविवार के लंच के बाद के डेज़र्ट और त्योहारी व्यंजनों में, ऐसे पलों में मौजूद रहा है जो फोटो खींचने के लिए बहुत छोटे हैं लेकिन भूलने के लिए बहुत अच्छे हैं। जो चीज़ माज़ा® को असाधारण बनाती है वह यह है कि यह हर दशक में पूरी तरह से अपने जैसी ही रही है: ईमानदार, शानदार और आम का अनुभव करने के सबसे करीबी अहसास जैसी। यह भरोसा 50 साल में बना है और यही एकमात्र बुनियाद है जिसकी हमें अगले 50 सालों के लिए ज़रूरत है।”

माज़ा® ने उस स्वाद और अनुभव से जुड़े रहते हुए बदलते समय के साथ विकसित होना जारी रखा है जिसने इसे हर घर का पसंदीदा बना दिया। ‘ताज़ा मैंगो, माज़ा® मैंगो’ जैसे प्रतिष्ठित अभियानों से लेकर ‘माज़ा® हो जाए’ जैसे सांस्कृतिक रूप से गूंजने वाले अभियानों तक, ब्रांड ने लगातार उपभोक्ताओं के आम के प्रति स्थायी प्यार और रोजमर्रा की जिंदगी को आकार देने वाले उन छोटे, बेहद निजी पलों का जश्न मनाया है, जिससे लोगों का आम और माज़ा® के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत हुआ है।

ओगिल्वी इंडिया के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर, सुकेश नायक ने कहा, “माज़ा® हमेशा आम के आनंद का प्रतीक रहा है, न केवल एक फ्रूट ड्रिंक के रूप में बल्कि एक ऐसी भावना के रूप में जिसके साथ लोग बड़े होते हैं। जैसे-जैसे हम 50 साल पूरे कर रहे हैं, यह उस भावना का और हर उस चीज़ का जश्न मनाने के बारे में है जो उसे हर घूंट में जीवंत बनाती है।”

कैम्‍पेंस से परे, माज़ा® का आमों के साथ रिश्ता हर बोतल के पीछे मौजूद बगीचों और किसान समुदायों से शुरू होता है। कोका-कोला इंडिया के ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के माध्यम से, कंपनी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फल उत्पादक किसानों के साथ साझेदारी की है। इसके तहत अत्यधिक सघन वृक्षारोपण और ड्रिप सिंचाई प्रणाली जैसी टिकाऊ कृषि प्रथाओं की शुरुआत की गई है, जिसने फलों की गुणवत्ता में सुधार करने, पैदावार बढ़ाने और दीर्घकालिक ‘ग्रूव-टू-ग्लास’ (बाग से गिलास तक) दृष्टिकोण के जरिए भारत के आम उगाने के इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद की है।

जैसे-जैसे माज़ा® अपनी अगली आधी सदी में प्रवेश कर रहा है, ब्रांड उस आनंद, अपनेपन और मजे का जश्न मनाने के लिए प्रतिबद्ध है जिसने पिछले पांच दशकों में इसके सफर को परिभाषित किया है। पूरे साल माज़ा® उन कहानियों, अनुभवों और पलों के जरिए आम का जश्न मनाएगा जो संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी में रचे-बसे महसूस होते हैं, और साथ ही ब्रांड की मूल पहचान के प्रति सच्चे रहेंगे।

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