Saturday, June 13, 2026
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एक खेत में 12 फसलें, फिर भी कम खर्च! क्या है पहाड़ों की बारहनाजा खेती?


बारहनाजा खेती की खास तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक ही खेत के टुकड़े पर बिना किसी भारी-भरकम खर्च के 12 अलग-अलग फसलें एक साथ उगाई जाती हैं. इस लिस्ट में मुख्य रूप से मंडुआ, रामदाना, राजमा, गहत, भट्ट, उड़द, मूंग और लोबिया जैसी पोषक तत्वों से भरपूर पारंपरिक फसलें और दालें शामिल होती हैं.

बारहनाजा खेती की खास तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक ही खेत के टुकड़े पर बिना किसी भारी-भरकम खर्च के 12 अलग-अलग फसलें एक साथ उगाई जाती हैं. इस लिस्ट में मुख्य रूप से मंडुआ, रामदाना, राजमा, गहत, भट्ट, उड़द, मूंग और लोबिया जैसी पोषक तत्वों से भरपूर पारंपरिक फसलें और दालें शामिल होती हैं.

इस खेती में बाजार से महंगे रासायनिक खाद या कीटनाशक खरीदने का कोई झंझट नहीं होता है क्योंकि यह पूरी तरह ऑर्गेनिक होती है. सभी फसलें आपस में इस तरह तालमेल बिठाती हैं कि वे एक-दूसरे की ग्रोथ में मदद करती हैं. जैसे दलहनी फसलें हवा से नाइट्रोजन सोखकर जमीन को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाती हैं.

इस खेती में बाजार से महंगे रासायनिक खाद या कीटनाशक खरीदने का कोई झंझट नहीं होता है क्योंकि यह पूरी तरह ऑर्गेनिक होती है. सभी फसलें आपस में इस तरह तालमेल बिठाती हैं कि वे एक-दूसरे की ग्रोथ में मदद करती हैं. जैसे दलहनी फसलें हवा से नाइट्रोजन सोखकर जमीन को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाती हैं.

Published at : 12 Jun 2026 01:34 PM (IST)

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