Crop Insurance Scheme: पिछले दिनों देश के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ कटाई के बाद रखी गई उपज भी खराब हो गई है. ऐसे में देशभर में कई किसान अपनी आमदनी को लेकर परेशान हैं. फसल बर्बादी के बाद किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
इस स्थिति में सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इसके तहत फसल खराब होने पर आर्थिक मदद मिलती है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि बारिश से अगर आपकी भी फसल खराब हो गई है तो किसान मुआवजा कैसे ले सकते हैं और इसका पूरा प्रोसेस क्या है.
किन हालातो में मिलता है किसानों को मुआवजा?
इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है. अगर सूखा, बाढ़, आंधी, ओलावृष्टि, कीट या बीमारी से फसल खराब होती हैं तो किसान मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं. खास बात यह है कि अगर खराब मौसम की वजह से बुवाई ही नहीं हो पाती या खड़ी फसल नष्ट हो जाती है तब भी किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इसके अलावा कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल में भी 14 दिनों तक बीमा कवर मिलता है. इस दौरान अगर बारिश या दूसरी प्राकृतिक कारणों से नुकसान होता है तो किसान मुआवजे के लिए क्लेम कर सकते हैं.
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का दायरा बहुत व्यापक है. इसमें वे सभी किसान शामिल हैं जो अधिसूचित फैसले उगाते हैं. चाहे किसान अपनी जमीन पर खेती करता हो, बटाईदार हो या किराए पर खेती करता हो सभी इसके लिए एलिजिबल होते हैं. अगर किसान ने फसल के लिए बैंक से लोन दिया है तो बीमा स्वत ही जुड़ जाता है, जबकि बिना लोन वाले किसान भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
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कैसे कर सकते हैं क्लेम?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है. खरीफ फसल के लिए दो प्रतिशत, रबी फसल के लिए 1.5 प्रतिशत और बागवानी या व्यावसायिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम तय होता है. बाकी राशि सरकार वहन करती है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बहुत कम हो जाता है. वहीं फसल खराब होने पर किसानों को 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना देनी होती है. यह जानकारी बीमा कंपनी, बैंक, नजदीकी सीएससी सेंटर या कृषि विभाग के जरिए दी जा सकती है. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 14447 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. किसान ऑनलाइन भी मुआवजे के लिए क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें ऑफिशियल पोर्टल pmfby.gov.in पर जाकर रिपोर्ट क्रॉप लॉस या रजिस्टर्ड क्लेम ऑप्शन चुनना होता है. इसके बाद नाम, मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल और फसल नुकसान की जानकारी भरकर आवेदन किया जा सकता है.
कैसे मिलता है मुआवजा?
क्लेम दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर नुकसान हुई फसल का आकलन करते हैं. इसके बाद इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होती है और बीमा कंपनी मुआवजे को मंजूरी देती है. आमतौर पर 1 से 2 महीने के अंदर मुआवजे की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.


